चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर गूंजे माता के जयकारे, दुर्गाष्टमी पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
चित्तौड़गढ़ | शक्ति और भक्ति के संगम चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर स्थित विश्व प्रसिद्ध कालिका माता मंदिर और बाण माता मंदिर में चैत्र नवरात्र की दुर्गाष्टमी के अवसर पर आस्था का अनूठा सैलाब उमड़ पड़ा। अलसुबह से ही माता के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें लग गईं, जो तपती धूप के बावजूद माता के जयकारों के साथ आगे बढ़ती रहीं।
कालिका माता मंदिर में राजपरिवार द्वारा हवन
दुर्ग स्थित ऐतिहासिक कालिका माता मंदिर में दुर्गाष्टमी का पर्व विशेष उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर राजपरिवार की ओर से विशेष हवन-पूजन का आयोजन किया गया, जिसमें विधिवत आहुतियां देकर लोक कल्याण की कामना की गई। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता रखने के लिए प्रशासन द्वारा मंदिर परिसर में 68 पुलिस और होमगार्ड के जवानों को तैनात किया गया, जिन्होंने भीड़ को नियंत्रित कर सुगम दर्शन सुनिश्चित किए। उल्लेखनीय है कि यह वही प्राचीन मंदिर है जहाँ सूर्य की पहली किरण साक्षात कालिका माता के चरणों का वंदन करती है।
बाण माता मंदिर में आकर्षक श्रृंगार
वहीं, मेवाड़ की कुलदेवी बाण माता के मंदिर में भी भक्तों का तांता लगा रहा। अष्टमी के पावन अवसर पर माता की प्रतिमा का अत्यंत आकर्षक और भव्य श्रृंगार किया गया। बाण माता मारवाड़ क्षेत्र के लोगों की भी आराध्य और कुलदेवी हैं, जिसके चलते राजस्थान के विभिन्न जिलों सहित देश के कई अन्य प्रदेशों से श्रद्धालु सपरिवार माता के दरबार में मत्था टेकने पहुँचे।
श्रद्धालुओं की भारी आवक को देखते हुए दुर्ग मार्ग पर यातायात और सुरक्षा के कड़े प्रबंध रहे। पूरे दिन मंदिर परिसर 'जय माता दी' के उद्घोष से गुंजायमान रहे।