निम्बाहेड़ा में गणगौर प्रतिमाओं का भावपूर्ण विसर्जन, पारंपरिक खेल और उल्लास का दिखा संगम
निम्बाहेड़ा। नगर में गुरुवार देर शाम गणगौर उत्सव का समापन पारंपरिक उल्लास, अटूट श्रद्धा और भक्तिमय माहौल में हुआ। सुहागिन महिलाओं ने अखंड सौभाग्य की कामना के साथ ईसर-गणगौर की प्रतिमाओं का विधि-विधान से विसर्जन किया। विसर्जन सवारी के दौरान नगर की सड़कें राजस्थानी लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर नजर आईं।
शारदा निवास से शुरू हुआ भक्ति का कारवां:
गणगौर की विसर्जन सवारी स्वर्गीय हरि प्रकाश शारदा के निवास स्थान से गाजे-बाजों के साथ प्रारंभ हुई। पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा और आभूषणों में सजी महिलाओं ने मंगल गीत गाते हुए सवारी की शोभा बढ़ाई। गणगौर उत्सव समिति की संयोजिका ने बताया कि सवारी को भव्य रूप दिया गया था, जिसमें नगर की सैकड़ों महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया।
ढाबेश्वर महादेव मंदिर पर हुआ विसर्जन:
शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरी, जहाँ जगह-जगह पुष्प वर्षा कर गवरजा का स्वागत किया गया। यह विसर्जन यात्रा अंत में ढाबेश्वर महादेव मंदिर पहुँची, जहाँ पूर्ण विधि-विधान और मंत्रोच्चार के बीच गणगौर की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। विसर्जन से पूर्व महिलाओं ने पारंपरिक सांस्कृतिक खेल भी खेले, जिससे उत्सव का माहौल और भी आनंदमय हो गया।
इनकी रही उपस्थिति:
इस धार्मिक उत्सव के दौरान कुसुम धूत, आरती शारदा, जानकी तोशनीवाल, द्रोपदी साबू, मंजू शारदा, सुमन भराडिया, चेतना बजाज, अंजू बाहेती, नीतू समदानी, नताशा शारदा, निशा मंत्री, कमलेश शारदा, सोनिया धूत, सोनिका काबरा, सोनाली शारदा, शांति आगार, स्वाति बजाज, अर्चना शारदा, पूजा माहेश्वरी, सुमन बजाज, रेखा लड्ढा, मिनाक्षी शारदा सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।
रामजानकी मंदिर में हुआ प्रसाद वितरण:
गणगौर विसर्जन के उपलक्ष्य में श्री रामजानकी हाथीवाला मंदिर परिसर में विशेष प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया, जहाँ दर्शनार्थियों ने प्रसादी ग्रहण की।
