भामाशाह ने शिशुगृह के बच्चों को दिया स्मार्ट टीवी

Update: 2026-02-14 05:44 GMT



चित्तौड़गढ़  / राजकीय विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण एजेंसी के अंतर्गत संचालित राजकीय आवासित अनाथ, परित्यक्त, अभ्यर्पित एवं लावारिस शिशु बालकों के लिए एक सराहनीय पहल की गई। नगर विकास न्यास, चित्तौड़गढ़ के अधिशाषी अभियंता   भूपेन्द्र बंशीवाल ने परिवार सहित शिशुगृह पहुंचकर बच्चों के मनोरंजन एवं शैक्षणिक विकास हेतु स्मार्ट एल.ई.डी. टीवी भेंट किया।

शिशुगृह अधीक्षक   चन्द्र प्रकाश जीनगर ने बताया कि 0 से 6 वर्ष तक के बालक-बालिकाओं के लिए संचालित इस शिशुगृह में यह स्मार्ट टीवी बच्चों के मनोरंजन, ज्ञानवर्धक और मानसिक विकास में सहायक सिद्ध होगा।

फेंके नहीं, हमें दें

अधीक्षक द्वारा आमजन से मानवीय अपील की गई है कि कोई भी व्यक्ति अनचाहे जन्म लेने वाले नवजात या बच्चों को झाड़ियों, कचरे, सड़क अथवा असुरक्षित स्थानों पर न छोड़े।

इसके स्थान पर उन्हें निम्न स्थानों पर स्थापित पालना गृह में सुरक्षित रूप से रखें

जिला चिकित्सालय, चित्तौड़गढ़

जिला चिकित्सालय, निंबाहेड़ा

राजकीय किशोर गृह, पंचवटी

पालना गृह में बच्चे को रखने पर घंटी बजती है और तुरंत बच्चे को बाल कल्याण समिति के माध्यम से राजकीय शिशु गृह में सुरक्षित संरक्षण दिया जाता है।

बच्चा छोड़ने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रहती है और उसे किसी कानूनी कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ता।

बच्चों को मिलेगा नया परिवार

राजकीय शिशु गृह में रखे गए बच्चों की देखभाल के बाद उन्हें भारत सरकार के Central Adoption Resource Authority (CARA) पोर्टल के माध्यम से दत्तक ग्रहण के लिए पात्र बनाया जाता है।

भावी दत्तक माता-पिता निर्धारित नियमों के अनुसार आवेदन कर इन बच्चों को गोद लेकर उन्हें नया घर और नया भविष्य दे सकते हैं।

कोई भी व्यक्ति स्वयं उपस्थित होकर भी बाल कल्याण समिति के समक्ष बच्चे को सरेंडर (अभ्यर्पण) कर सकता है।

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