चित्तौड़गढ़/जयपुर, । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सटीक एवं विश्वसनीय जनगणना आंकड़े ही प्रभावी विकास योजनाओं की मजबूत आधारशिला होते हैं। जनगणना से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर ही केन्द्र एवं राज्य सरकारें जनकल्याणकारी योजनाओं का निर्धारण, संसाधनों का आवंटन तथा योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करती हैं। उन्होंने अधिकारियों एवं कार्मिकों से जनगणना कार्य को राष्ट्रीय कर्तव्य मानते हुए पूर्ण निष्ठा, जिम्मेदारी एवं गंभीरता के साथ संपादित करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री शनिवार को भारत की जनगणना–2027 को लेकर आयोजित राज्य स्तरीय वर्चुअल प्रशिक्षण सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनगणना का प्रथम चरण—मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना— अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी चरण की सटीकता पर आगे होने वाली व्यक्तियों की गणना की शुद्धता निर्भर करती है। यह कार्य जितना अधिक त्रुटिरहित होगा, जनगणना के अंतिम आंकड़े उतने ही अधिक विश्वसनीय होंगे।
विकास योजनाओं की रीढ़ हैं जनगणना के आंकड़े
मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि जनगणना के माध्यम से गांवों एवं शहरों में निवास करने वाले व्यक्तियों और परिवारों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का स्पष्ट आकलन होता है। जनगणना के आंकड़े बिजली, पेयजल, सड़क, शौचालय, विद्यालय, अस्पताल, घरेलू गैस कनेक्शन सहित मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता एवं आवश्यकता को सामने लाते हैं।
उन्होंने कहा कि गलत या अपूर्ण आंकड़े न केवल योजनाओं की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं, बल्कि उनके क्रियान्वयन में भी बाधा उत्पन्न करते हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि विधानसभा एवं लोकसभा क्षेत्रों का परिसीमन, संसाधनों का आवंटन, वित्तीय अनुदान तथा विकास योजनाओं की प्राथमिकताएं भी जनगणना के आंकड़ों पर ही आधारित होती हैं।
डिजिटल जनगणना व स्वगणना की सुविधा
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना-2027 में डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राजस्थान में 1 मई से 15 मई 2026 तक नागरिकों को स्वगणना (Self Enumeration) की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि 16 मई से 14 जून 2026 तक मकान सूचीकरण एवं फील्ड कार्य संपादित किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्मिकों को गहन एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाए तथा आमजन में व्यापक प्रचार-प्रसार कर उन्हें इस राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया जाए।
कार्मिकों के प्रति संवेदनशीलता के निर्देश
राजस्थान की विषम भौगोलिक परिस्थितियों एवं ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने जनगणना कार्य में लगे कार्मिकों के प्रति संवेदनशीलता बरतने, संतुलित कार्यभार देने तथा कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता न करने के निर्देश दिए।
उन्होंने संभागीय आयुक्तों, जिला कलक्टरों एवं सभी संबंधित अधिकारियों से जनगणना कार्य की नियमित समीक्षा, सतत मॉनिटरिंग एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।
वीडियो कॉन्फ्रेंस में ये रहे उपस्थित
इस वर्चुअल प्रशिक्षण सम्मेलन में जिला कलक्टर आलोक रंजन, अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) प्रभा गौतम, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद विनय पाठक, उपखंड अधिकारी श्रीमती बीनू देवल, सांख्यिकी अधिकारी शबनम खोरवाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
