कथा से संकल्प लेकर जाएँ कि बाल्यकाल में बेटियों का विवाह नहीं करवाएँगे- महाराज
चित्तौड़गढ़। बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिले में संचालित 100 दिवसीय कार्यक्रमों की श्रृंखला में शुक्रवार को गंगरार पंचायत समिति क्षेत्र के ग्राम तुम्बड़िया स्थित द्वारकाधीश गौशाला में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान मुंगाना धाम के अनुजदास जी महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित किया।
अनुजदास महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि पूर्व में सामाजिक परिस्थितियों के चलते बाल्यकाल में बेटियों का विवाह कर दिया जाता था, लेकिन वर्तमान समय में समाज अधिक जागरूक एवं शिक्षित हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को बाल विवाह निषेध कानून की जानकारी होना आवश्यक है, ताकि इस सामाजिक कुरीति को जड़ से समाप्त किया जा सके।
इस अवसर पर अनुजदास जी महाराज द्वारा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के पोस्टर का विमोचन किया गया तथा उपस्थितजनों को बाल विवाह निषेध की शपथ दिलाई गई। उन्होंने आह्वान किया कि सभी लोग कथा से यह संकल्प लेकर जाएँ कि “न हम अपने बच्चों का बाल विवाह करवाएँगे और न ही अपने क्षेत्र में किसी भी प्रकार का बाल विवाह होने देंगे।”
बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक ओमप्रकाश तोषनीवाल ने बताया कि जिला कलक्टर आलोक रंजन के निर्देशानुसार जिले में चल रहे बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के द्वितीय चरण में धार्मिक संस्थाओं एवं धर्मगुरुओं के माध्यम से आमजन में जागरूकता लाने का विशेष प्रयास किया जा रहा है, जिससे समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचे।
कार्यक्रम में श्री द्वारकाधीश गौशाला समिति के भैरूसिंह चौहान, राजमल सालवी,
रतन धाकड़, पवन शर्मा, शिक्षा विभाग से लोकेश सोनी, चाइल्ड हेल्पलाइन जिला समन्वयक नवीन किशोर काकड़दा, काउंसलर करण जीनवाल, केस वर्कर सीमा राजौरा, संदीप कुमार, रवि वैष्णव, अमित राव, शोभा गर्ग सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
