चित्तौड़गढ़, । जिला कलक्टर आलोक रंजन की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला परिषद सभागार में राजस्व अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में लंबित राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उनके समयबद्ध निस्तारण के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिला कलक्टर ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी राजस्व प्रकरणों का निस्तारण निर्धारित समय सीमा में प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि राजस्व से जुड़े मामलों में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ करते हुए आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जाए तथा अधिक समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए। प्रकरणों की सुनवाई नियमित रूप से की जाए और अनावश्यक स्थगन से बचते हुए समय पर निर्णय दिए जाएं। प्रत्येक अधिकारी अपने स्तर पर लंबित प्रकरणों की सूची तैयार कर उनके शीघ्र निस्तारण के लिए कार्ययोजना बनाएं।
बैठक में भूमि संबंधी विवाद, नामांतरण, सीमांकन, खातेदारी, बंटवारा सहित अन्य राजस्व मामलों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने कहा कि इन मामलों से आमजन सीधे तौर पर प्रभावित होते हैं, इसलिए इनका त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजस्व प्रकरणों में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जनसुनवाई में प्राप्त प्रकरणों के भी त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज कार्यों की भी समीक्षा
बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के कार्यों की भी समीक्षा की गई। इस दौरान सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना, विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना, मनरेगा कार्यों में श्रमिकों की संख्या बढ़ाने, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा फ्लैगशिप योजनाओं वर्ष 2025-26 के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) प्रभा गौतम, प्रशिक्षु आईएएस एवं नगर परिषद आयुक्त रविन्द्र मेघवाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद विनय पाठक, अतिरिक्त जिला कलक्टर रामचंद्र खटीक, अतिरिक्त जिला कलक्टर रावतभाटा विनोद मल्होत्रा, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राकेश पुरोहित, उपखण्ड अधिकारी बीनू देवल सहित जिले के समस्त उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, विकास अधिकारी एवं अन्य संबंधित राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे।
