राजस्थान का जलवा जारी, अंडर-14 हैंडबॉल में दोनों वर्गों में सेमीफाइनल में प्रवेश
चितौड़गढ़ । 69वीं राष्ट्रीय विद्यालयी हैंडबॉल प्रतियोगिता अंडर-14 में मेजबान राजस्थान का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रतियोगिता में राजस्थान की छात्र एवं छात्रा दोनों टीमें अपने-अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं। छात्र वर्ग में सेमीफाइनल में राजस्थान का मुकाबला हरियाणा से होगा जबकि दूसरे सेमीफाइनल में गुजरात और दिल्ली आमने-सामने होंगी। वहीं छात्रा वर्ग में पहले सेमीफाइनल में राजस्थान का मुकाबला मणिपुर से होगा तथा दूसरे सेमीफाइनल में हिमाचल प्रदेश और हरियाणा के बीच मुकाबला खेला जाएगा।
इससे पहले खेले गए छात्र वर्ग के क्वार्टर फाइनल मुकाबले बेहद रोमांचक रहे। राजस्थान ने सधे हुए खेल और मजबूत रक्षा के दम पर पंजाब को 23-8 के बड़े अंतर से पराजित किया। गुजरात ने संघर्षपूर्ण मुकाबले में मध्य प्रदेश को 23-18 से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई। दिल्ली ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए तेलंगाना को 35-15 से परास्त किया जबकि हरियाणा ने विद्या भारती को 25-17 से मात देकर सेमीफाइनल का टिकट कटाया।
छात्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में भी खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया। राजस्थान की छात्रा टीम ने उत्तर प्रदेश को 24-16 से हराते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया। हिमाचल प्रदेश ने अनुशासित खेल के दम पर पंजाब को 8-3 से पराजित किया। मणिपुर ने केरल को 16-11 से हराकर अंतिम चार में अपनी जगह सुनिश्चित की जबकि हरियाणा ने तमिलनाडु को 25-13 से शिकस्त दी।
प्रतियोगिता अब निर्णायक दौर में प्रवेश कर चुकी है और आगामी सेमीफाइनल मुकाबलों को लेकर खिलाड़ियों के साथ-साथ खेल प्रेमियों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
24 घंटे नियंत्रण कक्ष सक्रिय, 30 मिनट में समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता
राष्ट्रीय विद्यालयी हैंडबॉल प्रतियोगिता के सुव्यवस्थित संचालन को लेकर स्थापित नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय है। नियंत्रण कक्ष प्रभारी विकास चौधरी एवं सह प्रभारी त्रिलोक शुक्ला के नेतृत्व में कमलेश दांगड़ा, दीपक पुरोहित, सूरज प्रकाश कांटिया, मोहसिन खान, रवि खोईवाल और राहुल लोठ की टीम निरंतर सेवाएं दे रही है।
नियंत्रण कक्ष में प्राप्त होने वाली किसी भी समस्या की सूचना संबंधित व्यवस्था प्रभारी को तुरंत दी जा रही है, ताकि त्वरित निदान सुनिश्चित किया जा सके। नियंत्रण कक्ष कार्मिकों की प्राथमिकता अधिकतम 30 मिनट में समस्या का समाधान करना है। इसके साथ ही नियंत्रण कक्ष खिलाड़ियों के दस्तावेजीकरण तथा मैच शेड्यूल को समय पर जारी करने का कार्य भी सुचारु रूप से कर रहा है।
भविष्य के खिलाड़ियों ने सीखे गुर
प्रतियोगिता के दौरान पारोली एवं पुरोहित के संवता क्षेत्र के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ अभ्यास कर हैंडबॉल में अपना भविष्य संवारने की पहल की। पारोली के 12 जूनियर खिलाड़ी शारीरिक शिक्षक कानसिंह राठौड़ के साथ, जबकि पुरोहित के संवता के 10 जूनियर खिलाड़ी जवान सिंह के मार्गदर्शन में मैदान पर सक्रिय रहे। ये उभरते खिलाड़ी आगामी दिनों में हैंडबॉल में दक्षता अर्जित कर जिले का प्रतिनिधित्व करने की दिशा में अग्रसर हैं।
