झातला माता मंदिर में चांदी की पिछवाई स्थापित: जांगिड़ ब्राह्मण समाज ने पेश की एकता की मिसाल
चित्तौड़गढ़। स्थानीय झातला माता जी मंदिर में जांगिड़ ब्राह्मण सुथार समाज द्वारा श्रद्धा और सामाजिक एकजुटता का परिचय देते हुए माता के दरबार को और अधिक भव्यता प्रदान की गई। समाज के सामूहिक सहयोग से माता जी की मूर्ति के पीछे लगी चांदी की पिछवाई का पुनर्निर्माण और जीर्णोद्धार कराया गया।
समाज के प्रतिनिधि कैलाश सुथार ने बताया कि पुरानी पिछवाई लंबे समय से जर्जर अवस्था में थी। इसकी स्थिति को देखते हुए समस्त समाजजनों ने इसे नया रूप देने का संकल्प लिया। सोमवार को विधि-विधान के साथ इस नई चांदी की पिछवाई को मंदिर में स्थापित किया गया। इस उपलक्ष्य में आध्यात्मिक अनुष्ठान भी आयोजित किए गए। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ हुआ, जिसमें आहुतियां देकर क्षेत्र की खुशहाली की कामना की गई।
सेवा कार्य की पूर्णाहुति पर नौ कन्याओं का पूजन कर उन्हें भोजन कराया गया और आशीर्वाद लिया गया। इस धार्मिक आयोजन में समाज के वरिष्ठ एवं युवा सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर गोवर्धन सुथार, मांगीलाल सुथार, मुकेश, शंभूलाल, शंकरलाल, उदयराम, कैलाश, मदनलाल, नानूराम, गोपाल, सत्यनारायण, रामेश्वरलाल, गोपाललाल, हीरालाल, भगवतीलाल, शांतिलाल, जगदीश, शंकरलाल एवं माधव लाल सुथार सहित अन्य समाजजन उपस्थित थे।