पुराने विवाद में चाचा बना हैवान, 10 साल के भतीजे की हत्या

Update: 2026-02-21 17:20 GMT

 नागौर में खींवसर थाना क्षेत्र के कुड़छी गांव में 10 वर्षीय बच्चे की हत्या के मामले में गिरफ्तार चचेरे भाई से पुलिस पूछताछ कई राज सामने आए हैं। 19 फरवरी को तक़रीबन 3:30 बजे पोकरराम घर से निकला था लेकिन कल दोपहर उसका शव पुलिस को गांव से दूर झाड़ियों में मिला। पुलिस ने इस मामले में शक के आधार पर आरोपी खरता राम (28) को हिरासत में लिया था जो पहले तो मामले में टाल मटोल करता रहा लेकिन पुलिस ने जब सख़्ती से पूछताछ की तो आरोपी ने बच्चे की गला घोंटकर हत्या की बात स्वीकार कर ली।

खींवसर थाना अधिकारी रामनारायण भंवरिया ने बताया कि आरोपी की निशानदेही पर बच्चे का शव गांव से दूर कांकड़ में झाड़ियों से बरामद कर खींवसर अस्पताल पहुंचाया गया जहां पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। पुनिया ने बताया कि आरोपी गाय ढूंढने के बहाने बच्चे को अपने साथ गांव से दूर ले गया और झाड़ियों में रस्सी से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। आरोपी उसके बाद चुपचाप गांव आ गया। घर वाले जब बच्चे को ढूंढ़ रहे थे तो आरोपी भी दिखावे के लिए उनके साथ था। बाद में जब पुलिस ने जांच शुरू की तो सीसीटीवी में आरोपी बच्चे के आसपास नज़र आया जिसपर शक के आधार पर पुलिस ने आरोपी खरता राम को हिरासत में लेकर पूछताछ की और हत्या का पर्दाफास कर दिया।

जानकारी के अनुसार मृतक का पिता कचराराम आरोपी का सगा चाचा ही है और आरोपी खरता राम के मां बाप बहुत पहले ही ख़त्म हो गए थे। मां की मौत बहुत पहले हो चुकी थी और पिता की डेढ़ साल पहले सांप के काटने से मौत हो गई थी। खरता राम के पिता और उसके चाचा के हिस्से में एक ही घर आया था और उसी में बंटवारा करके वे लोग रहते थे। खरताराम ने पूछताछ में बताया कि उसका चाचा कचराराम उसके हिस्से की जमीन पूरी नहीं दे रहा था और वो घर जाता तो उसे परेशान किया जाता। उसकी पत्नी के गहने भी चाचा ने रख लिए जिसकी वजह से उसकी पत्नी भी उसे छोड़कर चली गई। सम्पति के विवाद और परिवार से टूटने के बाद खरता राम ने चाचा को सबक सिखाने का मन बना लिया था और लम्बे समय से मौक़े का इंतजार कर रहा था। 19 फ़रवरी को उसने गाय ढूंढने का बहाना बनाकर इस घटनाक्रम को अंजाम दे दिया। पुलिस के अनुसार मृतक बच्चा पोकरराम शरीर से कमजोर था जिसकी वजह से रस्सी से गला घोंटने से उसकी मौक़े पर ही मौत हो गई।

आरोपी के कबूलनामे और शव की बरामदगी के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।

कल इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी रोष देखा गया। ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर खींवसर अस्पताल के बाहर धरना शुरू कर दिया बाद में पुलिस की समझाईस के बाद परिजनों ने धरना समाप्त किया। परिजनों की सहमति के बाद शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के हवाले कर दिया। जिसके बाद शाम को गांव में शव का दाह संस्कार किया गया। वहीं इस घटना ने पुरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि पारिवारिक विवाद में मासूम की क्या गलती थी जिसके साथ ऐसी बर्बरता की गई।

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