राजस्थान बजट 2026-27: किसानों के लिए बड़े राहत पैकेज और मिशन राज गिफ्ट की घोषणा
जयपुर। राजस्थान की वित्त मंत्री दीया कुमारी ने वर्ष 2026-27 के बजट में किसानों के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया है। "मिशन राज गिफ्ट" से लेकर 25,000 करोड़ रुपए के ब्याज मुक्त कर्ज तक, सरकार ने खेती-किसानी को लाभ का सौदा बनाने के लिए चौतरफा रणनीति पेश की है। बजट की इन बड़ी घोषणाओं को सुनकर प्रदेश के किसान खुशी से झूम उठे हैं।
सरकार ने राज्य के 35 लाख से ज्यादा किसानों को बड़ी राहत देते हुए 25,000 करोड़ के ब्याज मुक्त अल्पकालीन ऋण बांटने का लक्ष्य रखा है। इस पर सरकार खुद 800 करोड़ का ब्याज वहन करेगी। इसके अलावा, उपनिवेशन क्षेत्र के किसानों के लिए 'एकमुश्त समाधान योजना' की घोषणा की गई है, जिसके तहत 1 अप्रैल 2026 से 10 सितंबर 2026 के बीच बकाया राशि जमा करने पर ब्याज में 100 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
तारबंदी और सिंचाई के लिए भारी सब्सिडी
आवारा पशुओं से फसल को बचाने के लिए सरकार 20,000 किलोमीटर की तारबंदी कराएगी, जिस पर 228 करोड़ की सब्सिडी दी जाएगी। सामुदायिक तारबंदी के लिए अब 10 के बजाय सिर्फ 7 किसानों का समूह भी आवेदन कर सकेगा। अगले 2 साल में 15,000 किमी पाइपलाइन और 8,000 डिग्गियों का निर्माण होगा। साथ ही, 36,000 फॉर्म पॉन्ड बनाने के लिए 585 करोड़ का अनुदान मंजूर किया गया है।
मिशन राज गिफ्ट और कृषि मशीनीकरण
किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने के लिए सरकार 'मिशन राज गिफ्ट' की स्थापना करेगी। खेती को आधुनिक बनाने के लिए कृषि यंत्रों पर 160 करोड़ की सब्सिडी दी जाएगी, जिससे 50,000 किसान लाभान्वित होंगे। इसके अलावा, 96 करोड़ की लागत से 500 नए कस्टम हायरिंग सेंटर खोले जाएंगे, जहां से किसान सस्ते दाम पर मशीनें किराए पर ले सकेंगे।
फ्री बीज और हर पंचायत में वर्मी कंपोस्ट यूनिट
मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना के तहत 2.5 लाख किसानों को दलहनी और तिलहनी फसलों के उन्नत बीज मुफ्त बांटे जाएंगे। जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में वर्मी कंपोस्ट यूनिट स्थापित की जाएगी। इससे न केवल मिट्टी की सेहत सुधरेगी, बल्कि किसानों की लागत में भी कमी आएगी।
कृषि शिक्षा में रोजगार और मंडियों का कायाकल्प
कृषि विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों को भरने के लिए सरकार ने हरी झंडी दे दी है। इस साल 445 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। वहीं, मंडियों में किसानों को मौसम की मार से बचाने के लिए शेड निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर पर 350 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
