कोटा-सवाई माधोपुर पैसेंजर ट्रेन बेपटरी: बड़ा हादसा टला, कोई हताहत नहीं
सवाई माधोपुर, राजस्थान के सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन पर आज सुबह एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। कोटा से चली बिना-कोटा-सवाई माधोपुर-नागदा-झालावाड़ सिटी-कोटा-चोमेला मेमू पैसेंजर ट्रेन (ट्रेन नंबर 61621) का इंजन यार्ड में पार्क करने के दौरान पटरी से उतर गया। सौभाग्य से ट्रेन में कोई यात्री नहीं था, इसलिए कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। इस घटना से प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर यातायात बाधित हो गया, लेकिन रेलवे ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिया है।
घटना का विवरण:
समय और स्थान: घटना सुबह करीब 8:45 बजे सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन के यार्ड में हुई। ट्रेन कोटा से सवाई माधोपुर पहुंच चुकी थी, और सभी यात्री उतर चुके थे। इंजन को यार्ड में ले जाते समय अचानक बेपटरी हो गया। दिल्ली-मुंबई मुख्य रेल लाइन पर स्थित यह स्टेशन व्यस्त रहता है, इसलिए हादसे की सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया।
ट्रेन की जानकारी: यह मेमू (मेन लाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट) पैसेंजर ट्रेन है, जो कोटा-सवाई माधोपुर के बीच रोजाना चलती है। ट्रेन नंबर 61621 कोटा से सुबह रवाना होकर सवाई माधोपुर पहुंची थी।
कारण: प्रारंभिक जांच में रेलवे अधिकारियों ने तकनीकी खराबी या यार्ड में पटरी के दोष को कारण बताया है। सटीक जांच अभी चल रही है। मौसम सामान्य होने से मौसमी प्रभाव नहीं माना जा रहा।
रेलवे की तत्काल कार्रवाई:
कोटा मंडल रेल प्रबंधक (DRM) और स्थानीय रेल अधिकारी मौके पर पहुंचे। क्रेन और तकनीकी टीम की मदद से इंजन को पटरी पर चढ़ाने का काम दोपहर तक पूरा हो गया।
प्लेटफॉर्म 1 पर कुछ देरी हुई, लेकिन मुख्य ट्रैक पर यातायात सामान्य हो गया है। प्रभावित यात्रियों को वैकल्पिक ट्रेनों से आगे भेजा जा रहा है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्वीट कर कहा, "सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। घटना की गहन जांच होगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।" रेलवे ने यात्रियों को हेल्पलाइन नंबर 139 पर संपर्क करने की सलाह दी है।
यात्रियों और स्थानीय प्रतिक्रिया:
स्टेशन पर मौजूद कुछ यात्री डरे हुए थे, लेकिन कोई घायल न होने पर राहत की सांस ली। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं, जहां इंजन के पटरी से उतरते दिखाया जा रहा है।
स्थानीय एसडीएम ने बताया, "घटना यार्ड में हुई, इसलिए जनसुरक्षा बरकरार रही। रेलवे के सहयोग से स्थिति नियंत्रण में है।"
यह घटना कोटा जंक्शन पर चल रहे पुनर्विकास कार्यों के बीच हुई है, जहां 9 सितंबर से कई ट्रेनें डायवर्ट या शॉर्ट टर्मिनेट हो रही हैं
