दिव्यांगजनों को मिला अधिकार, एक माह में 400 से अधिक यूडीआईडी कार्ड जारी

Update: 2026-02-06 14:30 GMT

 

राजसमंद । जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा के नेतृत्व तथा सीएमएचओ डॉ हेमंत बिंदल के निर्देशन में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जनवरी 2026 में दिव्यांगजनों के लिए स्वावलंबन कार्ड (यूडीआईडी) बनाने का विशेष अभियान संचालित किया गया जिसके व्यापक परिणाम सामने आये।

सीएमएचओ डॉ हेमंत बिंदल ने बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा जिले के ब्लॉक एवं शहरी क्षेत्रों में विशेष शिविर आयोजित कर दिव्यांगजनों का पंजीयन, दस्तावेज सत्यापन एवं कार्ड निर्माण की प्रक्रिया को तेज गति से पूर्ण किया गया, जिसके अत्यंत सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। विभाग द्वारा 27 जनवरी से 4 फरवरी 2026 तक आयोजित शिविरों में कुल 443 दिव्यांगजनों का परीक्षण किया गया, जिनमें से 402 को यूडीआईडी प्रमाण पत्र जारी किए गए। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना रहा कि जिला कलक्टर के निर्देशों की प्रभावी पालना करते हुए जिले का कोई भी दिव्यांगजन अपने अधिकारों तथा राज्य एवं केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

क्षेत्रवार यह रही उपलब्धि:

शिविरों के दौरान 27 जनवरी को ब्लॉक राजसमंद, रेलमगरा एवं पीएमओ राजसमंद क्षेत्र में आयोजित शिविर में 43 दिव्यांगजनों का परीक्षण किया गया, जिनमें से 20 को प्रमाण पत्र जारी किए गए। 28 जनवरी को ब्लॉक भीम, ब्लॉक आमेट एवं ब्लॉक देवगढ़ क्षेत्र में आयोजित शिविर में 84 दिव्यांगजनों का परीक्षण कर 71 प्रमाण पत्र जारी किए गए। 29 जनवरी को पीएम्ओ नाथद्वारा, देलवाड़ा एवं खमनोर क्षेत्र में आयोजित शिविर में 36 दिव्यांगजनों का परीक्षण कर सभी को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

इसी क्रम में 30 जनवरी को केलवाड़ा में आयोजित शिविर में 75 दिव्यांगजनों का परीक्षण कर सभी को प्रमाण पत्र जारी किए गए। 31 जनवरी को आमेट में आयोजित शिविर में 34 दिव्यांगजनों का परीक्षण किया गया, जिनमें से 29 को प्रमाण पत्र जारी किए गए। वहीं 4 फरवरी को भीम में आयोजित शिविर में सर्वाधिक 171 दिव्यांगजनों का परीक्षण किया गया और सभी को प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए गए।

चार गुना बढ़ी प्रगति:

विशेष अभियान के कारण यूडीआईडी कार्ड निर्माण में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। पूर्व में जहां प्रतिमाह औसतन लगभग 100 कार्ड ही जारी हो पाते थे, वहीं अभियान के दौरान यह संख्या चार गुना बढ़कर 400 से अधिक पहुंच गई। स्वावलंबन कार्ड पोर्टल पर 5 फरवरी 2026 तक प्राप्त प्रगति के अनुसार जिले में पोर्टल की शुरुआत से अब तक अब तक कुल 4454 दिव्यांगजनों को यूडीआईडी कार्ड जारी किए जा चुके हैं।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शिविरों का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों को सुविधा प्रदान करते हुए प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाना है। विभाग द्वारा भविष्य में भी विशेष शिविरों एवं जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कर अधिक से अधिक दिव्यांगजनों को स्वावलंबन कार्ड से जोड़ने की कार्ययोजना बनाई गई है। विभाग का लक्ष्य है कि जिले का प्रत्येक दिव्यांगजन यूडीआईडी कार्ड प्राप्त कर विभिन्न योजनाओं का लाभ लेते हुए आत्मनिर्भर बन सके।

कलक्टर की प्रेरणा और टीम के योगदान को दिया श्रेय:

सीएमएचओ डॉ हेमंत बिंदल ने बताया कि यूडीआईडी कार्ड निर्माण अभियान जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा की प्रेरणा, मार्गदर्शन एवं चिकित्सा विभाग की टीम के समन्वित प्रयासों से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है। उन्होंने बताया कि कलक्टर द्वारा दिव्यांगजनों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए विशेष रूप से शिविर आधारित अभियान संचालित करने के निर्देश दिए गए थे, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में पात्र लाभार्थियों तक पहुंच संभव हो सकी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों, चिकित्सकों एवं कार्मिकों के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य में भी इसी प्रकार निरंतर प्रयास जारी रखे जाएंगे, ताकि जिले का कोई भी दिव्यांगजन स्वावलंबन कार्ड से वंचित न रहे।

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