मेधावी विद्यार्थियों के लिए 100 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति का ऐतिहासिक ऐलान

Update: 2026-02-03 17:38 GMT


दर्पण पालीवाल,नाथद्वारा। एशिया की अग्रणी शिक्षण संस्थाओं में शामिल निम्स यूनिवर्सिटी, जयपुर द्वारा गुरुजनों के सम्मान में ‘गुरु वंदन कार्यक्रम’ का भव्य आयोजन नाथद्वारा स्थित श्रीप्रिया होटल में किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा जगत से जुड़े अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामय उपस्थिति रही। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजसमंद के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी रामेश्वर लाल बाल्दी रहे। इस अवसर पर राजसमंद सहित आसपास के जिलों से लगभग 100 स्कूल निदेशक, प्राचार्य एवं वरिष्ठ शिक्षक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए निम्स यूनिवर्सिटी, जयपुर के सहायक निदेशक अतिंदरपाल सिंह ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए 100 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि निम्स यूनिवर्सिटी का दृढ़ विश्वास है कि प्रत्येक विद्यार्थी में कोई न कोई विशेष प्रतिभा अवश्य होती है, आवश्यकता है उसे पहचानने और निखारने की। आर्थिक अभाव किसी भी छात्र की शिक्षा में बाधा नहीं बनना चाहिए, इसी उद्देश्य से यह छात्रवृत्ति योजना प्रारंभ की जा रही है।

अतिंदरपाल सिंह ने बताया कि राजसमंद एवं आसपास के जिलों के 10वीं एवं 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने हेतु फरवरी माह से ‘निम्स यूनिवर्सिटी एंट्रेंस एग्जाम (NExCT)’ का आयोजन किया जाएगा। इस स्कॉलरशिप परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को मेरिट के आधार पर 15 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत तक छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले विद्यार्थी निम्स यूनिवर्सिटी में संचालित विभिन्न आधुनिक एवं प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकेंगे। नए पाठ्यक्रमों के अंतर्गत विद्यार्थियों को गूगल, माइक्रोसॉफ्ट सहित अन्य प्रतिष्ठित कंपनियों के विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उन्हें शिक्षा के साथ-साथ बेहतर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हो सकेंगे।

मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी रामेश्वर लाल बाल्दी ने निम्स यूनिवर्सिटी की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जो होनहार विद्यार्थी गरीबी या पारिवारिक परिस्थितियों के कारण आगे पढ़ाई नहीं कर पाते, उनके लिए यह योजना भविष्य का नया मार्ग प्रशस्त करेगी। इससे विद्यार्थी न केवल आगे बढ़ सकेंगे, बल्कि जीवन में नई ऊँचाइयों को भी छू पाएंगे।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित शिक्षकों का सम्मान किया गया तथा शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक बेहतर बनाने को लेकर विचार-विमर्श हुआ। वक्ताओं ने गुरु-शिष्य परंपरा को भारतीय संस्कृति की आत्मा बताते हुए शिक्षकों की भूमिका को राष्ट्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम का समापन सकारात्मक संदेश, गुरुजनों के प्रति सम्मान एवं शिक्षा के उज्ज्वल भविष्य की प्रतिबद्धता के साथ हुआ।

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