ग्रामीण अर्थव्यवस्था की धड़कन और किसान की आशा का सहारा है पशुपालन विभाग :कलक्टर

Update: 2026-01-31 11:31 GMT

राजसमंद। जिले में पशुपालकों को बेहतर और सुदृढ़ पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा ने शनिवार को किशोर नगर स्थित बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान यह तथ्य संज्ञान में आया कि वर्ष 2024 में इस चिकित्सालय के नवीन भवन निर्माण हेतु भूमि आवंटन हो चुका है, किंतु बजट के अभाव में अब तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है।

इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिला कलक्टर ने निरीक्षण स्थल से ही पशुपालन विभाग के प्रमुख शासन सचिव से दूरभाष पर बातचीत कर पूरे प्रकरण की जानकारी दी। प्रमुख शासन सचिव ने भी अग्रिम कार्यवाही हेतु आश्वासन दिया। कलक्टर की पहल के बाद पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने विश्वास जताया है कि जल्द ही भवन का निर्माण शुरू होगा।

चिकित्सा सेवाओं, दवाओं एवं स्टाफ की गहन समीक्षा:

निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने पशुओं की चिकित्सा के लिए उपलब्ध सुविधाओं, दवाओं की स्थिति, उपकरणों की उपलब्धता, साफ-सफाई, रिकॉर्ड संधारण तथा स्टाफ की उपस्थिति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने चिकित्सालय परिसर का निरीक्षण करते हुए उपचार कक्ष, दवा भंडार और अन्य व्यवस्थाओं को भी देखा।

पशुपालकों को समयबद्ध और संवेदनशील सेवाएं देने के निर्देश:

कलक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पशुपालकों को किसी भी स्थिति में अनावश्यक परेशानी न हो तथा उपचार सेवाएं समयबद्ध और प्रभावी रूप से उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सालय ग्रामीण क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण संस्थान है, जहां आने वाले प्रत्येक पशुपालक को सम्मान, संवेदनशीलता और भरोसे के साथ सेवाएं मिलनी चाहिए।

उन्होंने दवाओं की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने, आपातकालीन स्थितियों में त्वरित उपचार व्यवस्था रखने तथा पशुपालकों को रोगों से बचाव संबंधी जानकारी देने पर विशेष जोर दिया। इस अवसर पर संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग शक्ति सिंह सहित अन्य पशु चिकित्सा अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

नियमों के साथ करुणा और अधिकारों के साथ उत्तरदायित्व आवश्यक 

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को संबोधित करते हुए जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा ने पशुपालन विभाग की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि यह विभाग केवल एक प्रशासनिक इकाई नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की धड़कन और किसान की आशा का सहारा है। उन्होंने कहा कि पशुपालन से जुड़े निर्णयों में पशुओं का जीवन, पशुपालक परिवारों की आजीविका और समाज का विश्वास निहित होता है।

उन्होंने कहा कि कर्तव्य निर्वहन तभी पूर्ण माना जाएगा जब नियमों के साथ करुणा और अधिकारों के साथ उत्तरदायित्व भी समान रूप से निभाया जाए। पशु चिकित्सकों और कर्मचारियों का कार्य केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि आपदा के समय पशुओं का संरक्षण, रोग की स्थिति में पशुपालकों का भरोसा बनाए रखना और ग्रामीण जीवन को स्थायित्व प्रदान करना भी उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

जिला कलक्टर ने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे अपने कार्यों के प्रति संवेदनशील रहते हुए पशुपालकों की समस्याओं को समझें और समाधान की दिशा में तत्परता से कार्य करें। उन्होंने कहा कि विभाग की कार्यशैली ही समाज में शासन और प्रशासन के प्रति विश्वास को मजबूत करती है।

निरीक्षण के अंत में जिला कलक्टर ने व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार के निर्देश देते हुए कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के निरीक्षण जारी रहेंगे, ताकि पशुपालन सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं जन-उपयोगी बनाया जा सके।

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