कलश यात्रा के साथ सेक्टर 14 में नौ दिवसीय "रामकथा" का शुभारंभ

Update: 2025-10-03 12:26 GMT

उदयपुर। हिरण मगरी सेक्टर 14 स्थित जे के ब्लॉक रुद्रेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में पुष्कर दास महाराज द्वारा संगीतमय नो दिवसीय रामकथा का शुभारंभ शुक्रवार को हुआ। सबसे पहले सोमेश्वर महादेव मंदिर, 3 बटा, बावड़ी वाला पार्क में रामायण की पोथी ओर कलश का पूजन विधि विधान से किया गया। बाद में पोथी को भगवान भोलेनाथ के चरणों में रखकर यात्रा का शुभारंभ किया गया। मार्ग में सभी क्षेत्र वासियों ने जगह जगह पुष्प वर्षा करते हुए यात्रा का आदर पूर्वक सम्मान किया। महिलाओं ने अपने सिर पर कलश लेकर यात्रा में बढ़ चढ़ कर भाग लिया द्य महेश त्रिवेदी ने परिवार के साथ रामायण की पोथी को सिर पर धारण किया। सभी महिलाएं भजनों पर झूमते हुए नृत्य करती हुई पूरे मार्ग में यात्रा में सम्मिलित हुई। आगे कथा प्रांगण में रुद्रेश्वर महादेव मंदिर समिति के सभी सदस्यों ने पोथी पूजन के साथ कथा व्यास का सम्मान किया। प्रथम दिन महाराज ने "चौपाई बड़े भाग मानुष तन पावा" सुर दुर्लभ सब ग्रंथन्हि गावा। नित्य कथा श्रवण करने से हरि हमारे हृदय के अंदर आता है। राम की कथा अपार है। परमात्मा आनंद स्वरूप है। इसलिए हम कथा में आनंद लेने आते है। हमारा जीवन भी आनंद की खोज है। महापुरुषों ने ग्रंथों के माध्यम से मनुष्यों को जागने का प्रयास किया। रामायण हमारी समस्या का जवाब देती है । ग्रन्थ की शरण में आने से हमारे हर प्रश्न का जवाब मिलता है। हम सत्कर्म भगवान को अर्पण करते तभी संतों का संग ओर सत्संग मिलता है। कथा के सूत्रों को दवा की तरह रोजाना श्रवण करने की जरूरत है। आजकल कथा के आयोजन जगह जगह हो रहे है लेकिन कथा के मर्म को समझने वाले अधिक नहीं है द्य कथा आत्मनुरंजन के लिए हो लेकिन मनोरंजन प्रधान होने से सत्संग की महिमा घट जाती है। महाराज ने कहा सत्य का संग करना ही सत्संग कहलाता है। सत्संग से विवेक प्राप्त होता है। आगे महाराज ने राम चरित मानस शब्द की व्याख्या की। शुक्रवार को कथा में सूरजमल सोनी,चन्दन सिंह भाटी,सुनील चौबीसा,जगदीश मेनारिया,मनोज भट्ट,आदि उपस्थित रहे। कथा रोजाना दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक चल रही है।

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