उदयपुर,। पशु चिकित्सालयों में पशुपालकों को सेवाओं व सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार शनिवार को जिले के सभी पशु चिकित्सा संस्थाओं का आकस्मिक निरीक्षण किया गया।
पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक, उपनिदेशक, एवं ब्लाक लेवल ऑफीसर ने जिले की विभिन्न संस्थाओं का आकस्मिक निरीक्षण किया। इसमें मुख्य रूप से कृत्रिम गर्भाधान कार्य हेतु उपयोग की जाने वाली राज्य सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली हिमकृत वीर्य स्ट्रा की उपलब्धता पर फोकस किया गया, ताकि पशु पालकों उचित दर पर कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा मिल सके। संयुक्त निदेशक डॉ. सुरेश शर्मा ने बताया कि कुल 85 पशु चिकित्सा संस्थाओं का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। इसमें 2 पॉलीक्लिनिक, 5 प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय, 17 पशु चिकित्सालय एवं 61 पशु चिकित्सा उपकेन्द्र शामिल रहे। सभी संस्थाएं समय पर खुली मिली एवं जारों में विभागीय हिम कृत वीर्य स्ट्रा उपलब्ध पाई गई।