उदयपुर । श्री पाश्र्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर हिरण मगरी सेक्टर 4 में चातुर्मासरत आचार्य कल्प पुण्य सागर महाराज ससंघ के पावन सानिध्य में भव्य दिगम्बर जैनेश्वरी दीक्षा 5 अक्टूबर रविवार को दोपहर 1 बजे से विद्या निकेतन स्कूल प्रांगण सेक्टर 4 में होगी। कमेटी के मुख्य संयोजक निर्मल कुमार मालवी ने बताया कि तीन भव्य आत्माओं ने लौकिक मार्ग छोडक़र आध्यात्मिक मार्ग अपनाने का निश्चय किया है। पहले दीक्षार्थी आदर्श कुमार जैन फरीदाबाद (हरियाणा), दूसरे दीक्षार्थी अरविंद भाई कोटडिया, मुंबई और तीसरे दीक्षार्थी देवीलाल चंपालाल भोरावत, मुंबई मोक्ष मार्ग के पथिक बनने जा रहे हैं। दीक्षा कार्यक्रम समारोह प्रतिष्ठाचार्य पंडित हंसमुख जैन नंदनवन धरियावद एवं बाल ब्रह्मचारिणी वीणा दीदी बिगुल के निर्देशन मे होगा। पाश्र्वनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर सेक्टर 4 एवं वर्षायोग कमेटी अध्यक्ष झमकलाल अखावत एवं महामंत्री सुंदर लाल लुणदिया ने बताया कि दीक्षा कार्यक्रम के आयोजक सकल दिगंबर जैन समाज सेक्टर, 3, 4 5 एवं निवेदक सकल दिगंबर जैन समाज उदयपुर होंगे। जिसकी भव्य आयोजन की व्यवस्था समाज द्वारा की गई है । संयोजक गौरव गनोडिया एवं पारस कुणावत ने बताया कि दीक्षा मंगल कार्यक्रम गत 2 अक्टूबर से ही शुरू हो गए है, जिसमें 2 अक्टूबर को वृहद निर्वाण क्षेत्र विधान एवं 26 निर्वाण लाडू महोत्सव हुआ वहीं 3 अक्टूबर को गणधरवलय विधान दीक्षार्थियों द्वारा किया गया एवं दोपहर 2 बजे दीक्षार्थियों की हल्दी रस्म एवं सायंकाल 7 बजे मेहंदी रस्म संपन्न हुई । दिनांक 4 अक्टूबर को प्रात: से जम्बूद्वीप विधान होगा एवं प्रात: 11 बजे दीक्षार्थियों द्वारा कर पात्र में आहार ग्रहण की प्रक्रिया होगी, सायंकाल 6 बजे दीक्षार्थियों की भव्य शोभायात्रा एवं गोद भराई का कार्यक्रम समाज के द्वारा होगा। सकल दिगंबर जैन समाज उदयपुर अध्यक्ष एवं वर्षा योग कमेटी के परम शिरोमणी संरक्षक शांतिलाल जैन वेलावत ने बताया की दिनांक 5 अक्टूबर को भव्य जैनेश्वरी दीक्षा महोत्सव सेक्टर 4 स्थित विद्या निकेतन स्कूल में दिन में 1 से शुरू होगा, इससे पूर्व नागेंद्रा भवन मे प्रात:काल 6.30 बजे से आचार्य कल्प पुण्य सागर जी महाराज का पाद प्रक्षालन पूजन एवं महाअर्चना होगी। प्रात: 8 बजे दीक्षार्थियों की अवतरण क्रिया होगी प्रात: 9 बजे मंगल प्रवचन, 9.30 बजे आचार्य कल्प संघ की आहार क्रिया, 11 बजे नागेंद्रा भवन से दीक्षा कार्यक्रम स्थल विद्या निकेतन सेक्टर 4 के लिए आचार्य कल्प संघ एवं दीक्षार्थी एवं समाज जन भव्य जुलुस के साथ जायेंगे। दोपहर 12 मंगलाचरण दीक्षा कुंभ स्थापना, दीक्षा प्रार्थना, आचार्य श्री द्वारा स्वीकृति प्रदान, केशलौंच, पुण्य सागर महाराज का पाद प्रक्षालन, जिनवाणी भेंट कार्यक्रम होंगे। दोपहर 3 बजे दीक्षा संस्कार प्रारंभ, नव दीक्षार्थियों को पिच्छी, कमंडल, शास्त्र भेंट किए जाएंगे।
- 12 अक्टूबर को होगा तपस्वी साधुवृंदो का महापारणा महोत्सव
आचार्य पुण्य सागर महाराज के संघस्थ मुनि महोत्सव सागर महाराज, मुनि उदित सागर महाराज एवं आर्यिका हर्षितमति की महातपस्या का महापारणा महोत्सव सेक्टर 4 स्थित विद्या निकेतन स्कूल प्रांगण में दिनांक 12 अक्टूबर रविवार को प्रात: 9 बजे से होगा । संघस्थ महातपस्वी द्वय मुनिराज मुनि उदित सागर महाराज एवं मुनि महोत्सव सागर महाराज पूर्ण जीवन तपमय महासाधना के धनी है। मुनि महोत्सव सागर आचार्य कल्प पुण्य सागर जी महाराज के गृहस्थ जीवन के ज्येष्ठ भ्राता है, जिनका जन्म का नाम प्रकाश था, जिन्होंने तपमय जीवन जीकर अपनी आत्मा में प्रकाश भर दिया है। मध्यम सिंह निष्क्रिडित, जघन्य सिंह निष्क्रिडित एवं मृदंग - व्रत - कवल चंद्रायन सर्वतोभद्र महाव्रत, चारित्र की शुद्धि के लिए चारित्र शुद्धि व्रत लगातार पांच उपवास और पारणा जिसमे 87 उपवास और 17 पारणा की तपस्या पूर्ण हो रही है। मौन व्रत के धनी, समता से ओतप्रोत संत रहे । वहीं मुनि उदित सागर महाराज आचार्य कल्प पुण्यसागर महाराज के प्रियाग्र शिष्य, अनेक व्रतों की साधना, 48 भक्तामर व्रत के उपवास, 44 कल्याण मंदिर व्रत के उपवास, 16 कारण व्रत के 32 उपवास की साधना एवं सिंह निष्क्रिडित व्रत किया एवं वर्तमान में सर्वतोभद्र व्रत की साधना चल रही है, जिसमे 75 उपवास और 25 पारणा की साधना पूर्ण हो रही है। जन्म नाम रंगलाल जो तप के रंग में रंग गए, व्रतों की साधना एवं स्थान झारखंड बिहार राज्य, सम्मेद शिखर, सोनागिरी, नंदनवन, धरियावद, उदयपुर, धुबरी, गुवाहाटी, विजयनगर (असम) आदि भारत देश की पुण्य धरा को तप से तपकर कुंदन बना दिया है। अपने गुरुवर पुण्य सागर महाराज को तपस्या से अनंत ऊंचाइयों पर पंहुचाया है। आर्यिका हर्षितमति की सिंह निष्क्रिडित व्रत साधना जिसमे 60 उपवास और 20 पारणा की साधना पूर्ण हो रही है। वर्षा योग कमेटी के प्रवक्ता मुकेश पंड्या ने बताया कि भव्य महातपस्या महापारणा महोत्सव मे करीबन 8000 लोगों के शामिल होने की संभावना है, जिसके लिए 100 इंटू 200 फीट के दो डोम बनाये गए हैं, करीब इतने ही लोगो का स्वामी वात्सल्य विद्या निकेतन स्कूल प्रांगण में होगा। वर्षायोग कमेटी के सी. पी. भोपावत एवं महावीर लुणदिया ने बताया कि महातपस्या महा पारणा महोत्सव मे बड़ी संख्या में बाहर से श्रद्धालुओं के भाग लेने का सिलसिला शुरू हो गया है जिसमें दिल्ली, फरीदाबाद, मुंबई, गौहाटी, सिलिगुड़ी (आसाम), कोलकाता, थामला (एम. पी ) धरियावद, पारसोला, घाटोल, एवं भारत के अनेक स्थानों से एवं संपूर्ण उदयपुर से श्रद्धालु आने वाले है।