महुआ की खुशबू और फतेहसागर की लहरों के बीच ‘पंच गौरव’ को समर्पित रहा अमृता हाट

Update: 2026-02-22 14:00 GMT

 

उदयपुर । उदयपुर में आयोजित संभाग स्तरीय अमृता हाट मेले के पांचवें दिन मेले में जनसैलाब उमड़ पड़ा। शहरवासियों, महिला स्वयं सहायता समूहों और मेलार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर मेले को जीवंत बना दिया। दिनभर स्टॉलों पर खरीदारी और विभिन्न प्रतियोगिताओं की धूम रही, वहीं रात्रिकालीन फेयर शो ने वातावरण को और भी आकर्षक बना दिया।

‘पांच गौरव’ के माध्यम से उदयपुर की पहचान पर प्रकाश- मेले में ‘पांच गौरव’ थीम के तहत उदयपुर की विशेष पहचान- महुआ, तैराकी, मार्बल उद्योग, सीताफल, फतेहसागर एवं पिछोला- के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। उपस्थित जनसमूह को बताया गया कि ये सभी तत्व उदयपुर की सांस्कृतिक, प्राकृतिक एवं आर्थिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इस अवसर पर ‘पांच गौरव’ विषय पर प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें सुशीला, संजय, लोकेश, देवकिशन, प्रमिला वैष्णव, महेंद्र कुमार, रविंद्र सिंह, गौरव जैन, प्रयांशी, पुष्पा एवं यश ओझा विजेता रहे। विजेताओं को सम्मानित कर प्रोत्साहित किया गया।

मेले में एक मिनट्स शो के तहत गुब्बारा बैलेंस प्रतियोगिता आयोजित की गई। महिलाओं और मेलार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। बैलून बैलेंस प्रतियोगिता में चित्रा एवं महक ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। सलूंबर की अंजली, सुंदर एवं कुमारी मीना ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें 20 बालिकाओं ने भाग लेकर बेटियों की शिक्षा, समान अधिकार और सशक्तिकरण का संदेशदिया। प्रतियोगिता में चिंटु कंवर ने प्रथम, अवनी ने द्वितीय एवं द्राविका ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। मेले में महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं एवं मेलार्थियों द्वारा डांडिया रास का आयोजन किया गया। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने सामूहिक नृत्य प्रस्तुत कर मेले में सांस्कृतिक रंग भर दिए।

कार्यक्रम का मंच संचालन करते हुए जेंडर विशेषज्ञ विमला विरावल ने बताया कि आगामी दिवस पर कठपुतली शो, बेटी जन्मोत्सव एवं वन मिनट्स शो का आयोजन किया जाएगा। साथ ही ‘अमृता प्रीमियम लीग’ के तहत बैडमिंटन एवं लंगड़ी टांग रेस प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।

उपनिदेशक, महिला अधिकारिता विभाग ने अपने संबोधन में कहा कि अमृता हाट मेला महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रभावी मंच है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन महिला स्वयं सहायता समूहों को बाजार से जोड़ते हैं, उनके उत्पादों को पहचान दिलाते हैं और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे सरकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाकर स्वरोजगार एवं उद्यमिता को अपनाएं।

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