मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना,युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम

Update: 2026-02-12 12:30 GMT


उदयपुर, । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार ने राज्य के युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना शुरू की है। इस योजना का लक्ष्य सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना के माध्यम से 1 लाख युवाओं को स्वरोजगार प्रदान करना है। हाल ही में पेश किए गए राजस्थान बजट 2026-27 में इस योजना पर विशेष जोर दिया गया है, जिसके तहत 10 लाख रुपये तक के ऋण पर शत-प्रतिशत ब्याज और मार्जिन मनी अनुदान की सुविधा दी जाएगी। सरकार की भावना के अनुरूप राजस्थान के युवा नौकरी लेने वाले के बजाय नौकरी देने वाले बनें, इसके लिए यह योजना मिल का पत्थर साबित हो सकती है।

मुख्य प्रावधान और लाभ

योजना का उद्देश्य युवाओं को वित्तीय संस्थानों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराकर विनिर्माण, सेवा और व्यापार क्षेत्रों में नए उद्यम स्थापित करने या मौजूदा उद्यमों का विस्तार करने में मदद करना है। इसके तहत आठवीं से बारहवीं कक्षा पास आवेदकों को सेवा और व्यापार क्षेत्र में अधिकतम 3.5 लाख रूपए और विनिर्माण क्षेत्र में 7.5 लाख रूपए तक का ऋण मिल सकता है। स्नातक या आईटीआई प्रमाण पत्र धारकों और उच्च योग्यता वालों को सेवा और व्यापार क्षेत्र में अधिकतम 5 लाख और विनिर्माण क्षेत्र में 10 लाख तक का ऋण मिल सकता है। राज्य सरकार द्वारा परियोजना लागत पर मार्जिन मनी और शत-प्रतिशत ब्याज अनुदान प्रदान किया जाएगा।

यह है पात्रता

आवेदक की आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए ।

आवेदक राजस्थान का मूल निवासी होना चाहिए ।

आवेदक किसी भी वित्तीय संस्थान/बैंक का डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए।

ऐसे करें आवेदन

योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्रों को प्रस्तुत किए जा सकते हैं। योजना का क्रियान्वयन उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अधीन जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्रों के माध्यम से किया जा रहा है। आवेदन पत्रों की जांच और अनुमोदन के बाद, उन्हें ऋण स्वीकृति और वितरण के लिए वित्तीय संस्थानों को भेजा जाता है। योजना की निरंतर निगरानी ब्लॉक, जिला और राज्य स्तरीय बैंकर्स समितियों के माध्यम से की जाएगी।

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