जिला कलक्टर ने लिया बहुउद्देश्यीय पशु चिकित्सालय जायजा .पशु स्वास्थ्य सेवाओं की ली टोह, दिए निर्देश

Update: 2026-01-31 14:50 GMT


 

उदयपुर, । मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार पशु चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं आम पशुपालकों को सुलभ उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार को जिले भर में प्रशासनिक अधिकारियों ने पशु चिकित्सा संस्थानों का सघन निरीक्षण किया। जिले में 45 संस्थानों की अधिकारियों ने टोह ली तथा चेकलिस्ट के अनुसार निरीक्षण करते हुए रिपोर्ट तैयार की।

इसी क्रम में जिला कलक्टर  नमित मेहता ने चेतक सर्कल स्थित संभाग के सबसे बड़े बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने संयुक्त निदेशक पशुपालन डॉ सुरेश कुमार जैन से संस्थान की संचालन स्थिति, साफ-सफाई की व्यवस्था एवं आउटडोर में पशु उपचार की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने उपचार के लिए पहुंचे पशुपालकों से संवाद कर दवाओं की उपलब्धता, स्टाफ की उपस्थिति तथा उपचार की गुणवत्ता को लेकर प्रत्यक्ष फीडबैक प्राप्त किया।   मेहता ने निरीक्षण के दौरान पशु चिकित्सा स्टाफ की उपस्थिति की समीक्षा करते हुए पशु चिकित्सकों (वीओ, एसवीओ, डीडी), पैरावेट स्टाफ (एलएसआई, एलईओ आदि) एवं पशुधन परिचर/पशु परिचर की स्वीकृत, उपस्थिति की जानकारी ली। साथ ही अस्पताल में कार्यरत मानव संसाधन की पर्याप्तता पर भी चर्चा की।

जिला कलक्टर ने ऑपरेशन थियेटर, इनडोर वार्ड, उपकरणों, दवाओं एवं सर्जिकल सामग्री की उपलब्धता की भी जांच की। उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय पशु आरोग्य योजना के अंतर्गत दवाओं की उपलब्धता एवं भंडारण व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत लाभान्वित पशुपालकों के बारे में भी फीडबैक लिया। योजना के क्रियान्वयन, दावा प्रक्रिया एवं किसी प्रकार की समस्या के संबंध में जानकारी प्राप्त की। श्री मेहता ने राजकीय पशु पालन प्रशिक्षण संस्थान परिसर का भी निरीक्षण किया। उपनिदेशक डॉ सुरेंद्र छंगाणी ने संस्थान की ओर से दिए जाने वाले डिप्लोमा प्रशिक्षण, वर्तमान में अध्ययनरत विद्यार्थियों आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

संयुक्त निदेशक डॉ जैन ने बताया कि शनिवार को जिले में बहुउद्देश्यीय पशु चिकित्सालय सहित 15 ब्लॉक स्तरीय ऑफिस व प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय, 10 पशु चिकित्सालय तथा 19 उपकेंद्रों का अधिकारियों ने निरीक्षण किया। इसी प्रकार सलूम्बर जिले में 7 ब्लॉक स्तरीय पशु चिकित्सालय, 4 पशु चिकित्सालय तथा 10 उपकेंद्रों का निरीक्षण हुआ।

आवश्यक संसाधनों के लिए मांगे प्रस्ताव

जिला कलक्टर ने अस्पताल परिसर में पशुओं के लिए सोनाग्राफी, एक्स-रे सहित अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही संयुक्त निदेशक पशुपालन डॉ सुरेश जैन ने अस्पताल सहित जिले भर के पशु चिकित्सा संस्थानों में आवश्यक उपकरण सहित अन्य संसाधनों के प्रस्ताव तैयार कर यथाशीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानव स्वास्थ्य के समान ही पशु स्वास्थ्य भी अनिवार्य है। राज्य सरकार इस दिशा में पूर्ण संवेदनशील है। उन्होंने डीएमएफटी के माध्यम से आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए आश्वस्त किया।

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