संभाग और राज्य स्तरीय पशुपालक प्रशिक्षण कार्यशालाएं 17-18 जनवरी को

Update: 2026-01-13 13:20 GMT


उदयपुर,  । पशुपालन विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा राष्ट्रीय पशुधन मिशन-उद्यमिता विकास कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेशभर में पशुपालकों के लिए कार्यशालाएँ एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में उदयपुर में संभागीय स्तरीय कार्यशाला 17 जनवरी को तथा राज्य स्तरीय कार्यशाला 18 जनवरी को विद्याभवन कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में आयोजित होगी।

पशुपालन विभाग के अतिरिक्त निदेशक (क्षेत्र) डॉ लक्ष्मीनारायण ने बताया कि राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत भारत सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2021-22 से उद्यमिता विकास कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में मुर्गीपालन, भेड़-बकरी पालन, शूकर पालन, अश्व पालन, गधर्व पालन, ऊँट पालन तथा चारा उत्पादन जैसे क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देना है। इसके माध्यम से रोजगार सृजन, उद्यमिता विकास तथा प्रति पशु उत्पादकता में वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी। योजना के अंतर्गत मांस, बकरी के दूध, अंडे एवं ऊन के उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी प्रमुख लक्ष्य है। साथ ही सामाजिक, आर्थिक एवं बुनियादी ढाँचे के विकास के माध्यम से पशुपालक वर्ग को सशक्त बनाते हुए दीर्घकालिक समृद्धि की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा। एनएलएम योजना का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र को संगठित कर पशुपालन को एक सुदृढ़ उद्यम के रूप में विकसित करना भी है।

पशुपालकों का होगा क्षमतावर्द्धन

पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग, भारत सरकार द्वारा इस कार्यक्रम के अंतर्गत लाभार्थियों से प्रस्ताव आमंत्रित करने, जागरूकता फैलाने तथा उन्हें बैंक ऋण प्राप्त करने में सुविधा प्रदान करने के लिए प्रशासनिक लागत हेतु वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। इसी क्रम में राज्य के विभिन्न स्तरों पर कार्यशालाएँ एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यशालाओं एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य उद्यमिता विकास कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ पशुपालकों को तकनीकी प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण के माध्यम से आधुनिक ज्ञान और कौशल से लैस करना है, ताकि वे पशुपालन को लाभकारी व्यवसाय के रूप में अपना सकें।

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