उदयपुर, । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की प्राथमिकता वाली गुरु गोलवलकर आकांक्षी ब्लॉक विकास योजना के तहत उदयपुर जिले के कोटड़ा ब्लॉक में अनुमत विकास कार्यों के लिए जिला कलक्टर नमित मेहता ने 1 करोड़ 42 लाख 70 हजार रूपए की वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी गई है।
जिला कलक्टर कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार प्रमुख शासन सचिव, आयोजना (ग्रुप-4) विभाग, जयपुर द्वारा पूर्व में जारी प्रशासनिक स्वीकृति के अनुसरण में यह राशि आवंटित की गई है। योजना के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक जिले के चयनित ब्लॉक को 1.5 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी क्रम में निदेशक, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के पूल बजट के माध्यम से उदयपुर जिला कलक्टर को कोटड़ा ब्लॉक हेतु राशि आवंटित की गई है।
तीन प्रमुख क्षेत्रों में होंगे विकास कार्य
योजना के तहत कोटड़ा ब्लॉक में आईसीडीएस, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र से संबंधित विभिन्न जनकल्याणकारी कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। पोषण एवं महिला बाल विकास क्षेत्र में मॉडल आंगनबाड़ी केन्द्रों के नवीनीकरण, प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा बाल अनुकूल शौचालय निर्माण जैसे कार्यों के लिए लगभग 42.80 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन कार्यों की कार्यकारी एजेंसी उपनिदेशक, आईसीडीएस उदयपुर को बनाया गया है।
इसी प्रकार शिक्षा क्षेत्र में राजकीय विद्यालयों में शौचालयों की मरम्मत, नवीन शौचालय निर्माण तथा विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (सीडब्ल्यूएसएन) के लिए रिसोर्स रूम के रखरखाव जैसे कार्यों हेतु 50 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन कार्यों का क्रियान्वयन मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, उदयपुर द्वारा किया जाएगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में उपस्वास्थ्य केन्द्रों को मॉडल डिलीवरी प्वाइंट के रूप में उन्नत करने, एनक्यूएएस एवं एनक्यूएएस सर्टिफिकेशन से जुड़े सिविल कार्य, रंग-रोगन, विद्युत उन्नयन, जलापूर्ति व्यवस्था, आईईसी/बीसीसी गतिविधियों तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए लगभग 49.90 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी उदयपुर को कार्यकारी एजेंसी नियुक्त किया गया है।
पारदर्शी प्रक्रिया से होगा व्यय
जिला कलक्टर ने स्पष्ट किया है कि स्वीकृत राशि का व्यय राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता अधिनियम 2012 एवं नियम 2013 तथा योजना के दिशा-निर्देशों की पूर्ण पालना के साथ ही किया जाएगा। राशि का आहरण वास्तविक आवश्यकता के अनुसार निर्धारित प्रयोजन के लिए ही होगा और उपयोगिता प्रमाण पत्र समय पर महालेखाकार एवं आयोजना विभाग को प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि विकास कार्य पूर्ण होने के उपरान्त कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र, निविदा दस्तावेजों एवं बिलों को वरिष्ठ लेखाधिकारी, कलेक्ट्रेट उदयपुर को नियत समय पर प्रस्तुत करें ताकि जांच उपरान्त समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जा सके। किसी भी प्रकार के विलम्ब या अनुपयोगी राशि शेष रहने पर संबंधित अधिकारी जिम्मेदार माने जाएंगे।
