गिव अप अभियान: 37 लाख अपात्रों ने स्वप्रेरणा से छोड़ी खाद्य सुरक्षा, 65 लाख नए पात्रों को लाभ
उदयपुर । खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा संचालित गिव अप अभियान प्रदेश में सामाजिक न्याय स्वैच्छिक त्याग की भावना व गरीबों की सेवा की आदर्श मिसाल बनकर उभरा है। यह अभियान न केवल आमजन की नैतिकता, समानुभति और संवेदना आधारित सोच को उजागर कर रहा है, बल्कि सहभागिता का भार्ग भी दिखा रहा है। गिव अप अभियान निर्धन के हक में कोई सेधमारी न हो. इस भावना को सामाजिक कर्तव्य में बदल रहा है।
’सक्षम लोगों का त्याग बन रहा गरीबों का निवाला, 37 लाख से अधिक ने किया गिव अप, 65 लाख से अधिक नए पात्र जुड़े’
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का मुख्य उद्देश्य सेवा और संवेदनशीलता के साथ निर्धन के हक को उस तक तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में वास्तविक हकदारों तक लाभ पहुंचाने के लिये खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है। इसी क्रम में असल हकदारों तक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किये गये गिव अप अभियान में लगभग 37.62 लाख अपात्र लोगो द्वारा स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा छोड़ी गई है। गिव अप अभियान के द्वारा अपात्रों द्वारा खाद्य सुरक्षा छोड़ने के साथ साथ प्रदेश में 27 लाख से अधिक लोगों द्वारा ई केवाईसी सपन्न नहीं करवाई गई, इससे स्वत उनका नाम खाद्य सुरक्षा सूची से हट गया। इस प्रकार खाद्य सुरक्षा सूची में नए पात्र व्यक्तियों के लिए जगह बनी। 26 जनवरी 2025 को माननीय मुख्यमत्री श्री भजनलाल शर्मा के कर कमलों से खाद्य सुरक्षा पोर्टल के पुन प्रारंभ होने के बाद अब तक 65.25 लाख नए पात्र लाभाथी खाद्य सुरक्षा से जोड़े जा चुके है। गिव अप अभियान की ऐतिहासिक सफलता को देखते हुए इसकी अवधि 28 फरवरी तक बढ़ा दी गई है।
उदयपुर जिले के जिला रसद अधिकारी, ने बताया कि जिले में 190462 संपन्न लोगों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा का त्याग किया है। वहीं इससे बनी रिक्तियों से उदयपुर जिले में 2,15,612 पात्र लोगों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ा गया है।
वसूली को लेकर विभागीय कारवाई होगी सख्त
विभाग द्वारा अपात्रों को चिन्हित करने की प्रक्रिया निरन्तर जारी है। 31 अक्टूबर तक स्वेच्छा से गिव अप नहीं करने वाले अपात्र लाभार्थियों से 20 फरवरी 2026 से 30 रूपये 57 पैसे प्रति किलोग्राम गेहू की दर से वसूली की जायेगी।
