प्रदेश में राष्ट्रीय महत्व के संस्थान होना गर्व की बात - मुख्य सचिव वी.निवास

By :  vijay
Update: 2026-03-21 13:30 GMT

उदयपुर । प्रदेश के मुख्य सचिव  वी. श्रीनिवास ने शनिवार को उदयपुर दौरे के दौरान बलीचा स्थित भारतीय प्रबंध संस्थान उदयपुर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान परिसर का अवलोकन किया तथा अकादमिक सदस्यों और शैक्षणिक स्टाफ के साथ संवाद कर संस्थान की गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं की विस्तृत जानकारी ली।

संस्थान के निदेशक अशोक बनर्जी ने मुख्य सचिव का स्वागत करते हुए उन्हें संस्थान की शैक्षणिक उपलब्धियों, शोध कार्यों और विभिन्न पाठ्यक्रमों के बारे में अवगत कराया। उन्होंने आईआईएम उदयपुर की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती पहचान पर भी प्रकाश डाला। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने कहा कि राजस्थान में राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का होना गर्व की बात है। उन्होंने संस्थान में संचालित विभिन्न प्रबंधन पाठ्यक्रमों की जानकारी लेते हुए उनके व्यावहारिक महत्व पर चर्चा की। उन्होंने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत विजन 2047” के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें इसी दृष्टिकोण के अनुरूप अपनी योजनाओं का निर्माण करना होगा। उन्होंने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करने में आईआईएम जैसे संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

उन्होंने “इमेजिंग इंडिया थू्र इनोवेशन” पर बल देते हुए सुझाव दिया कि संस्थान के विशेष अकादमिक पाठ्यक्रमों के माध्यम से युवा प्रशासनिक अधिकारियों का प्रशिक्षण किया जा सकता है। इसके लिए नियमित रूप से क्षमतावर्धन कार्यशालाओं का आयोजन भी किया जाना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में राजस्थान का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा और वर्तमान में प्रदेश बिजली सहित कई क्षेत्रों में सरप्लस की स्थिति में है। मुख्य सचिव ने कहा कि आईआईएम उदयपुर जैसे संस्थान आगामी 25 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए युवा अधिकारियों के कौशल विकास में अहम भूमिका निभा सकते हैं, जो एक स्वागतयोग्य पहल होगी।

प्रदेश में विकास की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि सार्वजनिक निवेश के साथ-साथ निजी निवेशकों की भागीदारी भी अत्यंत आवश्यक है। खनन और सौर ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में राजस्थान में व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं, जिनका समुचित उपयोग कर राज्य को आर्थिक रूप से और सशक्त बनाया जा सकता है।

उन्होंने “मुख्यमंत्री विकसित ग्राम अभियान” का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास का खाका तैयार किया जा रहा है। अकादमिक संस्थानों और प्रशासनिक तंत्र के बीच बेहतर समन्वय से विकास की गति को और तेज किया जा सकता है। इस अवसर पर संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी, आईजी गौरव श्रीवास्तव, जिला कलेक्टर नमित मेहता तथा एसडीएम गिर्वा अवुला साईं कृष्ण सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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