शक्करगढ़ में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया दशा माता का पर्व, महिलाओं ने की पीपल की पूजा

Update: 2026-03-13 09:31 GMT

शक्करगढ़ सांवरिया सालवी। क्षेत्र में शुक्रवार को महिलाओं द्वारा दशा माता का व्रत पूरी श्रद्धा, आस्था और पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही शक्करगढ़ और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भक्तिमय माहौल नजर आया। सुहागिन महिलाओं ने अपने परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की मंगलकामना करते हुए विधि-विधान से पूजा की और उपवास रखा।

पीपल के वृक्ष की हुई विशेष पूजा

परंपरानुसार, महिलाओं ने प्रातः काल स्नान कर पारंपरिक वेशभूषा धारण की। गांव की गलियों और मंदिरों के आसपास सुबह से ही महिलाओं की भारी चहल-पहल रही। टोलियों में महिलाएं पूजा स्थलों पर पहुंचीं और पीपल के वृक्ष की श्रद्धापूर्वक पूजा की। उन्होंने पीपल के पेड़ के चारों ओर कच्चा सूत (धागा) बांधकर परिक्रमा की, दीप प्रज्वलित किए और एक साथ बैठकर दशा माता की कथा का श्रवण किया।

भजन-कीर्तन से गूंजा क्षेत्र, नई पीढ़ी ने जानी परंपरा

दिनभर व्रत रखने के साथ ही गांव में जगह-जगह महिलाओं ने एकत्रित होकर भजन-कीर्तन किए, जिससे पूरा क्षेत्र भक्ति रस में डूब गया। इस दौरान बुजुर्ग महिलाओं ने नई पीढ़ी की युवतियों और महिलाओं को दशा माता व्रत के महत्व, कथा और इसके पीछे की प्राचीन मान्यताओं के बारे में विस्तार से बताया।

सुख-समृद्धि की हुई मंगलकामना

ग्रामीण महिलाओं की यह गहरी आस्था है कि दशा माता का व्रत रखने और पूजा करने से घर-परिवार पर आने वाली सभी विपत्तियां दूर होती हैं और जीवन में धन-धान्य व सुख-समृद्धि आती है। इसी अटूट विश्वास के साथ महिलाओं ने दिनभर का उपवास रखा और शाम के समय पुनः पूजा-अर्चना कर अपने व्रत का पारण किया।

शक्करगढ़ क्षेत्र में हर वर्ष यह पर्व इसी तरह बड़े पैमाने और अपार श्रद्धा भाव के साथ मनाया जाता है, जिसमें क्षेत्र की महिलाएं बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती हैं।


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