शाहपुरा जिला बहाली के लिए ऐतिहासिक बंद: 'ब्लैक डे' पर सन्नाटे में रहे बाजार, वाहन रैली से दिखाया दम
शाहपुरा (भैरूलाल लक्षकार)। जिले का दर्जा समाप्त किए जाने के विरोध में शनिवार, 28 फरवरी को संपूर्ण शाहपुरा में 'ब्लैक डे' मनाया गया। शाहपुरा जिला बहाल करो संघर्ष समिति के आह्वान पर व्यापारियों और आमजन ने अपने प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रखकर सरकार के निर्णय के प्रति कड़ा आक्रोश जताया। सुबह से ही शहर के प्रमुख बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा और सड़कों पर व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह ठप रहीं।
काली पट्टी बांधकर निकाली विशाल वाहन रैली
संघर्ष समिति के अध्यक्ष दुर्गा लाल राजोरा और संयोजक रामप्रसाद जाट के नेतृत्व में दोपहर को महलों के चौक स्थित बालाजी की छतरी से एक विशाल वाहन रैली निकाली गई। रैली में शामिल सदस्यों, व्यापारियों और आम नागरिकों ने हाथों पर काली पट्टियां बांधी हुई थी और हाथों में काले झंडे लेकर सरकार विरोधी नारेबाजी की। यह रैली शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई उपखंड कार्यालय पहुंची।
9वां स्मरण पत्र सौंपकर याद दिलाया वादा
महासचिव कमलेश मुंडेतिया ने बताया कि संघर्ष समिति ने नायब तहसीलदार रामप्रसाद बलाई को मुख्यमंत्री के नाम 9वां स्मरण पत्र सौंपा। अध्यक्ष दुर्गा लाल राजोरा ने कहा कि करीब 9 माह पूर्व जयपुर में विधायक की मौजूदगी में मुख्यमंत्री के साथ सकारात्मक वार्ता हुई थी, जिसमें जिला बहाली का आश्वासन मिला था। 9 महीने बीत जाने के बाद भी वादा पूरा न होने से जनता में भारी रोष है।
व्यापारिक संगठनों का मिला भरपूर समर्थन
बंद को शाहपुरा व्यापार मंडल, किराना, कपड़ा, रेडीमेड, मोबाइल, ऑटोमोबाइल और सब्जी मंडी संघ सहित सभी छोटे-बड़े संगठनों ने स्वैच्छिक समर्थन दिया। संयोजक रामप्रसाद जाट ने कहा कि जनता और व्यापारियों ने समिति पर जो भरोसा जताया है, उसे टूटने नहीं दिया जाएगा और जिला बहाली तक आंदोलन निरंतर जारी रहेगा।
ये रहे मौजूद:
इस अवसर पर संरक्षक सत्यनारायण पाठक, सहसंयोजक सूर्य प्रकाश ओझा, महासचिव कमलेश मुंडेतिया, कोषाध्यक्ष उदय लाल बेरवा, व्यापार मंडल अध्यक्ष बालमुकुंद तोषनीवाल, अजय मेहता, हाजी उस्मान, राजेंद्र पांडे, नूर मोहम्मद रंगरेज, दलीचंद खटीक, मदनलाल कंडारा, रमेश सेन, सुनील मिश्रा, त्रिलोकचंद नौलखा सहित सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता और नागरिक उपस्थित थे।
