सिंधी समाज ने केक काट व श्रमदान करके याद किया शहीदों को
शाहपुरा मूलचन्द पेसवानी |शाहपुरा सोमवार को देशभक्ति के रंग में सराबोर नजर आया , जब पूज्य सिंधी पंचायत के सानिध्य में अमर शहीद हेमू कालानी की 103वीं जयंती पूरे उत्साह, श्रद्धा और जोश के साथ मनाई गई। हेमू कालानी स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में जहां केक काटकर खुशियां मनाई गईं, वहीं देश के वीर सपूतों को याद कर माहौल भावुक भी हो उठा।
कार्यक्रम की शुरुआत हेमू कालानी स्मारक पर मार्ल्यापण करके, पुष्प अर्पित कर और दो मिनट का मौन रखकर की गई। पंचायत के पदाधिकारियों और सदस्यों ने शहीद हेमू कालानी के साथ-साथ शहीद दिवस के अवसर पर भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरु को भी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान “भारत माता की जय” और “शहीदों अमर रहो” के नारों से वातावरण गूंज उठा।
पंचायत अध्यक्ष लीलाराम वासवानी, सचिव नरेश लखपतानी, कोषाध्यक्ष अशोक थानवानी और पूर्व अध्यक्ष मोहन लखपतानी व वरिष्ठ सदस्य मोहन थावानी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में हेमू कालानी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि मात्र 19 वर्ष की आयु में उन्होंने देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। अंग्रेजों की बारूद से भरी ट्रेन को उड़ाने की योजना बनाते समय वे पकड़े गए और 21 जनवरी 1943 को फांसी पर चढ़ा दिए गए।
कार्यक्रम में देशभक्ति का जज्बा उस समय और भी बढ़ गया जब सदस्यों ने स्मारक स्थल पर श्रमदान कर सफाई अभियान चलाया। अंदर और बाहर की सफाई करते हुए युवाओं और वरिष्ठों ने मिलकर यह संदेश दिया कि शहीदों की याद में केवल शब्द ही नहीं, कर्म भी जरूरी हैं।
जयंती उत्सव के दौरान सुरेश वासवानी की अगुवाई में केक काटकर और मिठाई वितरित कर खुशियां बांटी गईं। इस मौके पर पूर्व सचिव ओम थावानी, सुरेश वासवानी, सुरेश आसवानी, नरेश तोलानी, अशोक आसवानी, पंकज पेसवानी, हरीश मतलानी, पूर्व कोषाध्यक्ष शंकर ठारवानी, परशुराम सामतानी, अशोक महाराज, राजेंद्र शुक्ला, सहित पंचायत के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
शाहपुरा में आयोजित यह आयोजन न केवल शहीदों की याद को ताजा कर गया, बल्कि नई पीढ़ी को देशभक्ति और बलिदान की प्रेरणा भी दे गया।
