स्वच्छ भारत अभियान की उड़ रही धज्जियां: खामोर में टेंडर के बाद भी नालियां गंदगी से लबालब, जिम्मेदार मौन

Update: 2026-04-03 08:01 GMT

खामोर (क‍िशन वैष्‍णव)। ग्राम पंचायत खामोर में स्वच्छ भारत अभियान के दावों की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। पंचायत क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। आलम यह है कि सफाई का टेंडर होने के बावजूद ठेकेदार की लापरवाही और जिम्मेदारों की चुप्पी के चलते गांव की नालियां गंदगी और मलबे से अटी पड़ी हैं।

महीनों तक नहीं उठता मलबा

ग्रामीणों का आरोप है कि सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। नालियों से कचरा और मलबा दो से तीन महीने में एक बार निकाला तो जाता है, लेकिन उसे सड़क किनारे ही छोड़ दिया जाता है। समय पर कचरा न उठाने के कारण वही मलबा वापस नालियों में गिर जाता है, जिससे स्थिति जस की तस बनी रहती है।

भुगतान नियमित, सफाई नदारद

हैरानी की बात यह है कि सफाई व्यवस्था के नाम पर भुगतान तो नियमित रूप से किया जा रहा है, लेकिन धरातल पर सफाई नियमित नहीं हो रही है। ठेकेदार की इस मनमानी पर अंकुश लगाने के बजाय संबंधित अधिकारी और जिम्मेदार चुप्पी साधे बैठे हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है।

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