अनुशासन, तकनीकी दक्षता एवं करियर मार्गदर्शन पर विशेष जोर
उदयपुर, । राजस्थान सरकार की पंच गौरव योजना के अंतर्गत जिले भर से चयनित खिलाड़ियों के लिए महाराणा प्रताप खेलगांव में चल रहे 15 दिवसीय तैराकी प्रशिक्षण शिविर में शुक्रवार का दिन खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास, अनुशासन एवं तकनीकी कौशल के उन्नयन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।
जिला खेल अधिकारी डॉ महेश पालीवाल ने बताया कि शुक्रवार को आयोजित सत्र में अतिथि विंग कमांडर बी. बी. मेहर तथा राजस्थान तैराकी संघ के सचिव विनोद सनाढ्य रहे। विंग कमाण्डर ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए जीवन में अनुशासन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि खेल व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक एवं नैतिक विकास का सशक्त माध्यम है। सेना में खेलों की भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने बताया कि खेलों के माध्यम से न केवल शारीरिक दक्षता बढ़ती है, बल्कि पदोन्नति, सम्मान एवं विशेष अवसर भी प्राप्त होते हैं। साथ ही उन्होंने खिलाड़ियों को विभिन्न पुरस्कार राशि एवं छात्रवृत्तियों की जानकारी प्रदान कर खेलों में उज्ज्वल भविष्य निर्माण हेतु प्रेरित किया। तैराकी संघ सचिव विनोद सनाढ्य ने तैराकी संघ द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं, पुरस्कार राशि एवं उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी साझा करते हुए खिलाड़ियों को खेलों के माध्यम से शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य सुदृढ़ करने तथा जीवन में सकारात्मकता एवं प्रसन्नता बनाए रखने के सूत्र बताए। साथ ही खिलाड़ियों को प्रतियोगी तैराकी के महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं, स्टार्ट टर्न एवं फिनिश की विस्तृत जानकारी देते हुए उनके महत्व को समझाया। उन्होंने बताया कि इन तकनीकों में दक्षता से ही खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। इसके पश्चात प्रशिक्षकों रणवीरसिंह राणावत, धर्मवीर सिंह राणावत, संदीप सोनी, अनिल कुमावत, सुनील नकवाल, सुनील कुमावत एवं नेहा कुमावत, लालशंकर मीणा, लालुराम अहारी, लक्ष्मण बरण्डा, भारत भुषण जोशी, सूर्या मीणा, अनिता मीणा, संजय खैर के निर्देशन में खिलाड़ियों को ब्रेस्ट स्ट्रोक की उन्नत ड्रिल्स एवं स्प्रिंट का अभ्यास कराया गया।
डॉ. पालीवाल ने बताया कि शिविर में खिलाड़ियों में अनुशासन, समर्पण एवं सीखने की उत्सुकता स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रही है। यह शिविर प्रतिभागियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर युवा प्रतिभाओं को निखारने एवं उन्हें खेलों के क्षेत्र में उज्ज्वल भविष्य प्रदान करने की दिशा में एक प्रभावी पहल सिद्ध हो रहे हैं।