ईरान में विरोध प्रदर्शन और अमेरिका के बयान से बढ़ा राजनीतिक तनाव

Update: 2026-01-03 07:05 GMT

तेहरान  ईरान में आर्थिक अस्थिरता और मुद्रा विनिमय दर में उतार-चढ़ाव से प्रभावित लोगों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने हालात और संवेदनशील बना दिए हैं। तेहरान ने ट्रंप की टिप्पणी को लापरवाह और खतरनाक करार देते हुए साफ चेतावनी दी है कि ईरान की संप्रभुता में किसी भी तरह का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ईरान सरकार का कहना है कि हालिया विरोध प्रदर्शन नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है और अधिकांश प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहे हैं। हालांकि, कुछ स्थानों पर हिंसक घटनाएं भी सामने आई हैं, जिनमें पुलिस थाने पर हमला और सुरक्षाबलों पर मोलोटोव कॉकटेल फेंके जाने जैसी घटनाएं शामिल हैं। सरकार ने इन्हें अलग-थलग आपराधिक कृत्य बताया है।

तेहरान बोला- संप्रभुता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

तेहरान ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि अमेरिका के भीतर नेशनल गार्ड की तैनाती करने वाले ट्रंप को यह भली-भांति समझना चाहिए कि सार्वजनिक संपत्ति पर हमले किसी भी देश में स्वीकार्य नहीं होते। ऐसे में ईरान के आंतरिक मामलों पर बयानबाजी न सिर्फ गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि क्षेत्रीय शांति के लिए भी खतरा पैदा कर सकती है। ईरानी नेतृत्व ने आरोप लगाया कि ट्रंप का बयान उन ताकतों से प्रभावित हो सकता है, जो कूटनीति से डरती हैं या उसे अनावश्यक मानती हैं। ईरान ने दोहराया कि उसका इतिहास गवाह है देश के लोग हमेशा बाहरी हस्तक्षेप को सख्ती से खारिज करते आए हैं।

बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी तरह की संप्रभुता-उल्लंघन की स्थिति में जवाब देने में सक्षम हैं। हम जानते हैं कि कहां और कैसे जवाब देना है, यह संदेश अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिका और उसके सहयोगियों को दिया गया।

प्रदर्शनकारियों पर कथित गोलीबारी को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भड़क गए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा कि अगर ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर गोली चलाता है और उन्हें नुकसान पहुंचाता है, तो अमेरिका उनकी मदद के लिए आगे आएगा और कार्रवाई के लिए तैयार रहेगा।

किसी भी दुस्साहस पर अमेरिकी ठिकाने निशाने पर होंगे- ईरान की चेतावनी

ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर ग़ालिबफ़ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सैन्य धमकियों पर कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ने कोई भी सैन्य दुस्साहस किया, तो पूरे क्षेत्र में मौजूद उसके सभी सैन्य ठिकाने और बल ईरान के लिए वैध लक्ष्य होंगे। ग़ालिबफ़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ईरानी जनता ने इतिहास में हमेशा अपने दुश्मनों को निराश किया है और इस बार भी ऐसा ही होगा। उन्होंने साफ किया कि व्यापारियों और दुकानदारों के शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को ईरानी सरकार ने अनुमति दी है, लेकिन विदेशी खुफिया एजेंसियों की कोशिश थी कि इन विरोध प्रदर्शनों को हिंसक बनाया जाए, जो जनता की सतर्कता के कारण नाकाम रही। उन्होंने कहा कि ईरान कभी भी अपने नागरिकों और विदेशी ताकतों के इशारे पर काम करने वाले तत्वों को एक नजर से नहीं देखेगा।ग़ालिबफ़ ने अमेरिकी राष्ट्रपति को चेतावनी देते हुए कहा कि ईरानी जनता एकजुट है और किसी भी बाहरी हस्तक्षेप का मजबूती से जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

क्यों हो रहे विरोध प्रदर्शन?

ताजा विरोध प्रदर्श रविवार को तब शुरू हुए, जब दुकानदार मुद्रा में तेज गिरावट और बढ़ती कीमतों के कारण सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए। व्यापारी, दुकानदार और कई विश्वविद्यालयों के छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं और प्रमुख बाजारों को बंद कर रहे हैं। बुधवार को सरकार ने सर्दियों की छुट्टी घोषित की, जिससे देश का अधिकांश हिस्सा बंद रहा। ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और कई इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। पुलिसने कई लोगों को गिरफ्तार किया है। ईरान की अर्थव्यवस्था पर वर्षों से अमेरिकी और पश्चिमी प्रतिबंधों का दबाव रहा है। इनमें ज्यादातर प्रतिबंध तेहरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े हैं। जून में इस्राइल के साथ 12 दिन के संघर्ष ने वित्तीय स्थिति और कमजोर कर दी।

सरकार की प्रतिक्रिया

राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के नेतृत्व वाली ईरान की नागरिक सरकार ने प्रदर्शनकारियों से संवाद करने की इच्छा दिखाई है। उन्होंने कहा, इस्लामी दृष्टिकोण से...अगर हम लोगों की आजीविका के मुद्दे को हल नहीं करेंगे, तो हम जहन्नुम (नर्क) में जाएंगे। यह बयान राज्य टीवी पर प्रसारित किया गया। हालांकि, पेजेशकियान ने माना कि उनके विकल्प सीमित हैं, क्योंकि रियाल की कीमत तेजी से गिर गई है। वर्तमान में एक अमेरिकी डॉलर की कीमत लगभग 14 लाख रियाल है।

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