पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव, अमेरिका ने युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन किया रवाना

Update: 2026-01-15 10:13 GMT

वॉशिंगटन |ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों और तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल अमेरिका ने अपने युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन को दक्षिण चीन सागर से पश्चिम एशिया की तरफ रवाना किया है। न्यूज नेशन की व्हाइट हाउस की पत्रकार केली मेयर ने सूत्रों के हवाले से ये दावा किया है। केली ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर ये जानकारी दी।

व्हाइट हाउस की पत्रकार ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी जानकारी

केली मेयर ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'यूएस मिलिट्री हार्डवेयर ईरान से तनाव के बीच पश्चिम एशिया की तरफ बढ़ रहा है। अमेरिका ने दक्षिण चीन सागर से अपने युद्धपोत को पश्चिम एशिया की तरफ रवाना किया है। एक सूत्र ने न्यूज नेशन को यह जानकारी दी है। युद्धपोत के पहुंचने में एक हफ्ते के करीब का समय लग सकता है।'


अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर, ईरान ने बंद किया एयरस्पेस

यह घटनाक्रम ऐसे समय हो रहा है, जब पश्चिम एशिया में तनाव है और ईरान के साथ अमेरिका की तनातनी चल रही है। ईरान ने भी अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया है।

ईरान में आर्थिक संकट के चलते बीते कई दिनों से विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इन विरोध प्रदर्शनों में 2600 से ज्यादा लोगों की मौत होने का दावा किया जा रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया और मदद भेजने की बात कही है।

वहीं ईरान ने चेतावनी दी है कि अमेरिका जून वाली गलती न दोहराए। साथ ही ईरान ने बातचीत और कूटनीति के जरिए विवाद सुलझाने की बात कही और कहा कि अमेरिका हमेशा कूटनीति और बातचीत से बचता रहा है।

कितना खतरनाक है अमेरिकी नौसेना का युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन

यूएसएस अब्राहम लिंकन निमित्ज श्रेणी का पांचवा युद्धपोत है। यह परमाणु ऊर्जा से चलने वाला पोत है, जो दक्षिण चीन सागर में तैनात रहता है। इस युद्धपोत को अमेरिकी नौसेना में 1989 में शामिल किया गया था।

यह युद्धपोत 97 हजार टन वजनी है और इसकी फ्लाइट डेक करीब 4.5 एकड़ में फैली हुई है। इसकी लंबाई करीब 1092 फीट है। इसमें चार हैंगर एलीवेटर हैं और यह अपने साथ 90 लड़ाकू विमान ले जा सकता है।

इसकी डेक पर अमेरिका के सबसे आधुनिक लड़ाकू जेट एफ-35सी तैनात हैं। इस युद्धपोत पर पांच हजार से ज्यादा नौसैनिक, मरीन और क्रू के सदस्य तैनात हैं। यह दुनिया का सबसे बड़ा युद्धपोत है।

यह युद्धपोत इतना बड़ा है कि इसका अपना खुद का जिप कोड, टीवी और रेडियो स्टेशन, एक अखबार, अग्निशमन केंद्र, लाइब्रेरी, एक अस्पताल, जनरल स्टोर जैसी सुविधाएं हैं।

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