पांचवी तक के छात्रों के बस्ती का बोझ होगा आधा

Update: 2026-01-04 11:05 GMT



 जयपुर ।राजस्थान में शिक्षा व्यवस्था को छात्रों की जरूरतों के अनुसार ढालने के लिए शिक्षा विभाग ने दो महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। एक ओर, सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से पांचवीं तक के बच्चों के स्कूल बैग का वजन कम करने की योजना बनाई जा रही है। वहीं दूसरी ओर, छात्रों को सही करियर मार्गदर्शन देने के लिए "माय करियर एडवाइजर" मोबाइल एप भी लॉन्च किया गया है।

यह निर्णय नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप लिया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों पर शैक्षणिक बोझ को घटाना, उनकी सीखने की क्षमता बढ़ाना और भविष्य को लेकर जागरूकता विकसित करना है।

स्कूल बैग का भार होगा आधा

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से पांचवीं तक पढ़ने वाले बच्चों के स्कूल बैग का भार कम करने की तैयारी शुरू हो चुकी है। सत्र 2026-27 से बच्चों को किताबें दो चरणों में बांटी जाएंगी, जिससे उनके बैग का वजन मौजूदा स्थिति की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत तक कम हो जाएगा।

सत्र 2027-28 में और घटेगा भार

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार सीमित संख्या में पुस्तकों का वितरण बच्चों पर अनावश्यक बोझ को रोकने में मदद करेगा। इसका सकारात्मक असर उनके शारीरिक स्वास्थ्य और सीखने की क्षमता पर भी दिखाई देगा। लंबे समय से भारी स्कूल बैग अभिभावकों और शिक्षकों के लिए चिंता का विषय रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।

स्कूल शिक्षा विभाग के शासन सचिव कृष्ण कुणाल ने बताया कि सत्र 2027-28 से पाठ्य पुस्तकों का आवंटन तिमाही आधार पर किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों के बैग का भार और अधिक घटकर वर्तमान के लगभग 25 प्रतिशत तक रह जाएगा। यह पहल बच्चों के लिए पढ़ाई को बोझ नहीं, बल्कि आनंददायक अनुभव बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।

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