उदयपुर। शहर के एक प्रतिष्ठित टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर में भ्रूण लिंग जांच के काले कारोबार का भंडाफोड़ हुआ है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) टीम ने गुरुवार को एक डिकॉय ऑपरेशन (जाल बिछाकर) करते हुए 'अमर आशीष हॉस्पिटल एंड टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर' की संचालिका डॉ. नीना सक्सेना और एक महिला दलाल को रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
35 हजार में सौदा: डॉक्टर बोली- 'पहले रुपए दो, फिर नतीजा बताऊंगी'
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के एमडी डॉ. अमित यादव के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जानकारी के अनुसार, लिंग जांच के लिए दलाल पूजा सागर ने ₹35,000 की मांग की थी। डिकॉय टीम ने जब गर्भवती महिला को भेजा, तो डॉक्टर नीना सक्सेना ने अपना हिस्सा मांगते हुए कहा, "पहले रुपए दो, फिर नतीजा बताऊंगी।" डॉक्टर को ₹30,000 देने के बाद उन्होंने कोख में 'बेटा' होने की पुष्टि की और भ्रूण को सुरक्षित बताया। इशारा मिलते ही टीम ने दबिश देकर दोनों को हिरासत में ले लिया।रेकी और योजना: एएसपी डॉ. हेमंत जाखड़ ने बताया कि टीम को उदयपुर में दलालों के सक्रिय होने की सूचना मिली थी। स्थानीय स्तर पर पुष्टि होने के बाद उत्तर प्रदेश निवासी दलाल पूजा सागर से संपर्क साधा गया।डिकॉय ऑपरेशन: टीम ने एक गर्भवती महिला को डिकॉय बनाकर भेजा। दलाल उसे पहले 'धरा डायग्नोस्टिक सेंटर' ले गई और फिर वापस 'अमर आशीष टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर' लेकर आई।गिरफ्तारी: लिंग चयन की पुष्टि होते ही टीम ने 60 वर्षीय डॉ. नीना सक्सेना और दलाल पूजा को दबोच लिया।टीम ने सेंटर से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और रिकॉर्ड्स को सील कर दिया है। पीबीआई थाना पुलिस अब इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की जांच कर रही है। विभाग का कहना है कि बेटियों को बचाने के लिए इस तरह के अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे।
"लिंग चयन एक गंभीर अपराध है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर हमने जाल बिछाया और आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा है।" — डॉ. हेमंत जाखड़, एएसपी (PCPNDT)