कोटा। भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एसीबी कोटा इकाई ने पुलिस थाना गुमानपुरा जिला कोटा में तैनात कांस्टेबल जीतराम को तीन हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है।
एसीबी कोटा इकाई के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय स्वर्णकार ने बताया कि 9 फरवरी को एक परिवादी ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि वह पहले एचडीएफसी बैंक के लिए रिकवरी का कार्य करता था, जो अब बंद हो चुका है। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह विशाल मार्केट में अपने मित्र की दुकान पर बैठा था, तभी कांस्टेबल जीतराम वहां पहुंचा और उसे झूठे मुकदमे में फंसाने तथा किसी तरह की कानूनी कार्रवाई नहीं करने के बदले आठ हजार रुपये की मांग की। आरोप है कि 7 फरवरी को कांस्टेबल ने जबरन पांच हजार रुपये ले भी लिए थे और शेष तीन हजार रुपये लगातार मांगे जा रहे थे।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने उसी दिन मांग सत्यापन की कार्रवाई करवाई, जिसमें आरोपी द्वारा तीन हजार रुपये की रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हो गई। इसके बाद उप महानिरीक्षक पुलिस आनंद शर्मा के निर्देशन में एसीबी कोटा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय स्वर्णकार के नेतृत्व में ट्रैप योजना बनाई गई।
10 फरवरी को पुलिस निरीक्षक चंद्र कंवर के नेतृत्व में गठित टीम ने जाल बिछाकर परिवादी से तीन हजार रुपये लेते ही कांस्टेबल जीतराम को दबोच लिया। मौके पर ही उसे हिरासत में ले लिया गया और रिश्वत की रकम जब्त कर ली गई।
एसीबी के महानिरीक्षक सत्येंद्र कुमार के निर्देशन में आरोपी से पूछताछ जारी है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है और जरूरत पड़ी तो और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
