भीलवाड़ा BHN. लहसुन की फसल में कीटनाशक दवा का छिड़काव करना एक परिवार के लिए भारी पड़ गया। छिड़काव के दौरान जहरीली गैस श्वास के जरिए शरीर में प्रवेश करने से एक 17 वर्षीय युवती की तबीयत बिगड़ गई, जिसने अजमेर के अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। यह दुखद घटना बदनौर थाना क्षेत्र के खेड़ेला गांव में हुई।
श्वास के जरिए शरीर में पहुंची जहरीली गैस
सहायक उप निरीक्षक इंद्रजीत सिंह ने बताया कि खेड़ेला निवासी शंकर सिंह रावत की 17 वर्षीय पुत्री लीला गुरुवार को अपने खेत पर लहसुन की फसल में कीटनाशक दवा का छिड़काव कर रही थी। छिड़काव के दौरान दवा से निकली जहरीली गैस सांस के साथ लीला के शरीर में प्रवेश कर गई, जिससे वह अचानक अचेत होकर गिर पड़ी।
ब्यावर से अजमेर रेफर किया, पर नहीं बची जान
परिजनों ने तुरंत लीला को अचेत अवस्था में बदनौर चिकित्सालय पहुंचाया, जहां से उसे ब्यावर अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। हालत में सुधार नहीं होने पर चिकित्सकों ने उसे अजमेर के बड़े अस्पताल के लिए रेफर किया। वहां उपचार के दौरान शुक्रवार को लीला ने अंतिम सांस ली।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस ने मर्ग दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। उधर, कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि कीटनाशक छिड़काव के समय मास्क और सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग अवश्य करें।