भीलवाड़ा, BHN. शहर के भोपालपुरा क्षेत्र में खेड़ा खूंट माताजी मंदिर के पास रविवार देर रात अज्ञात बदमाशों द्वारा करीब एक दर्जन घरों पर किए गए पथराव से स्थानीय निवासियों में हड़कंप मच गया। घटना के समय लोग अपने घरों में थे, तभी अचानक छतों और टीन की चादरों (चद्दरों) पर बड़े-बड़े पत्थर गिरने लगे।
क्या है पूरा मामला?
क्षेत्र के निवासी रतनलाल खटीक ने बताया कि घटना उस समय हुई जब वे अपने घर के पास कुछ काम कर रहे थे। अचानक पीछे वाले मकानों की ओर से बड़े-बड़े पत्थर आने शुरू हुए। रतनलाल ने बताया"मैं और मेरे परिवार के लोग घर के पास ही थे, तभी अचानक छतों पर पत्थर गिरने की आवाजें आईं। मेरी बेटी ऊपर थी, जिसे मैंने तुरंत नीचे बुलाया। पत्थर इतने बड़े थे कि उनसे जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता था।"
दहशत का माहौल
पथराव की खबर फैलते ही मोहल्ले के लोग इकट्ठा हो गए। स्थानीय लोगों ने अंधेरे में बदमाशों की तलाश की, लेकिन रात के सन्नाटे और अंधेरे का फायदा उठाकर आरोपी मौके से फरार हो गए। लोगों का कहना है कि पत्थर उनकी छतों और पास ही स्थित एक कारखाने की टीन की चादरों पर भी गिरे हैं, जिससे काफी नुकसान हुआ है।
अज्ञात के खिलाफ आक्रोश
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पथराव किसने और क्यों किया। रतनलाल और अन्य मोहल्ले वासियों ने बताया कि उन्होंने आसपास तलाश की लेकिन कोई दिखाई नहीं दिया। घटना के बाद से क्षेत्र में असुरक्षा का माहौल है। निवासियों ने प्रशासन से इस मामले में उचित कार्रवाई करने और क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
पुलिस ने देखा मौका, जांच शुरू
पत्थर बाजी की सूचना मिलते ही कोतवाली थाने से पुलिस जाता मौके पर पहुंचा और घटनास्थल का जायजा लेते हुए आसपास के इलाके में पत्थर बाजी करने वाला लोगों की तलाश भी की लेकिन फिलहाल उनका कहीं पता नहीं चल पाया। इस बीच पीड़ित लोग घटना की एफआईआर दर्ज कराने कोतवाली थाने पहुंचे हैं।
इनका कहना है
"हिंदू बस्तियों में घुसकर पत्थर फेंकना और दहशत फैलाना अब नहीं चलेगा। प्रशासन गहरी नींद से जागे, इससे पहले कि धैर्य का बांध टूट जाए!" — विजय ओझा, विहिप
