ईरान ने दिखाई युद्ध खत्म करने की इच्छा, ट्रंप ने दी तेल कुओं और ऊर्जा ठिकानों पर हमले की कड़ी चेतावनी
नई दिल्ली । ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रही जंग 32वें दिन में प्रवेश कर चुकी है और लगातार भयंकर रूप ले रही है। मिसाइल हमलों के बीच ईरान ने युद्ध समाप्त करने की इच्छा जताई है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने बयान जारी कर कहा है कि ईरान के पास युद्ध समाप्त करने की आवश्यक इच्छाशक्ति है, लेकिन वह इस बात की पक्की गारंटी चाहता है कि भविष्य में यह संघर्ष दोबारा नहीं होगा। वहीं, विदेश मंत्री अराघची ने स्पष्ट किया है कि ईरान और अमेरिका के बीच कुछ संदेशों का आदान-प्रदान जरूर हुआ है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि दोनों के बीच कोई औपचारिक बातचीत हो रही है।
दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खुली चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर जल्द समझौता नहीं हुआ, तो ईरान की ऊर्जा सुविधाओं, तेल कुओं, खार्ग द्वीप, बिजली संयंत्रों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर भीषण हमले किए जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और इजरायल अब तक 13,000 से अधिक ठिकानों पर हमले कर चुके हैं। इस बीच, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने भी पलटवार करते हुए चेतावनी दी है कि अगर उनके और नेताओं को मारा गया, तो क्षेत्र में अमेरिकी कंपनियों को सीधा निशाना बनाया जाएगा।
युद्ध के कारण ईरान में गहरा मानवीय संकट पैदा हो गया है। राजधानी तेहरान और इस्फहान समेत कई शहरों में शक्तिशाली विस्फोटों की खबरें हैं। तेहरान के निवासी भारी सुरक्षा व्यवस्था, लगातार बिजली कटौती और इंटरनेट ब्लैकआउट के बीच खौफ में जीने को मजबूर हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी हमलों की रिपोर्ट है। हालांकि, तेहरान के सूत्रों का कहना है कि यदि अमेरिका और इजरायल ईरान की संप्रभुता और सुरक्षा की गारंटी दें, तो युद्धविराम संभव हो सकता है।