दूध में 'मौत' की मिलावट:: जहरीला दूध पीने से 16 लोगों ने तोड़ा दम, इलाके में मचा हड़कंप
अमरावती (आंध्र प्रदेश)। आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ मिलावटी और जहरीला दूध पीने से अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। लालचेरुवु और आसपास के इलाकों में सप्लाई किए गए इस दूध ने दर्जनों परिवारों को अपनी चपेट में ले लिया है। वर्तमान में तीन अन्य मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिनका राजमहेन्द्रवरम के अस्पतालों में उपचार जारी है।
किडनी फेलियर बना मौत का कारण
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, प्रयोगशाला जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। दूध में एथिलीन ग्लाइकॉल नामक घातक जहरीला पदार्थ पाया गया है। इस दूषित दूध के सेवन से पीड़ितों की किडनी ने अचानक काम करना बंद कर दिया और शरीर के कई अंगों के फेल होने से उनकी मौत हो गई। मृतकों में बुजुर्ग और बच्चे भी शामिल हैं।
कोरुकोंडा की डेयरी से हुई थी सप्लाई
जांच में सामने आया है कि कोरुकोंडा मंडल के नरसपुरम गांव स्थित एक डेयरी यूनिट से 100 से अधिक परिवारों को दूध की सप्लाई की जा रही थी। शिकायत मिलने के बाद इस यूनिट को तुरंत सील कर दिया गया है। 16 फरवरी से 21 मार्च के बीच कुल 20 लोग बीमार होकर अस्पताल पहुंचे थे, जिनमें से 16 जिंदगी की जंग हार गए। कई मरीजों को डायलिसिस और वेंटिलेटर की जरूरत पड़ी।
प्रशासनिक कार्रवाई और मेडिकल अलर्ट
रैपिड रिस्पॉन्स टीम: हालात पर काबू पाने के लिए चिकित्सा विशेषज्ञों और महामारी विज्ञानियों की एक विशेष टीम गठित की गई है।
पुलिस कार्रवाई: मृतक महिला के बेटे की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर संदिग्ध दूध विक्रेता को हिरासत में ले लिया है।
सैंपल जांच: पशुपालन विभाग ने पशु आहार, दूध और पानी के सैंपल लेकर टॉक्सिकोलॉजिकल जांच के लिए भेजे हैं ताकि प्रदूषण के सटीक स्रोत का पता लगाया जा सके।
आपातकालीन शिविर: प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल कैंप लगाए गए हैं ताकि लक्षणों वाले मरीजों की पहचान कर उन्हें तुरंत इलाज दिया जा सके।
