भीलवाड़ा में आक्रोश:: 'वस्त्र नगरी' को कलंकित करने वाले 'वहशी' पर 20,000 का इनाम, पुलिस की टीमें दिल्ली-बिहार तक दे रही हैं दबिश!
भीलवाड़ा प्रेम कुमार गढ़वाल। अपनी टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए मशहूर भीलवाड़ा इन दिनों एक 'साइको' अपराधी की घिनौनी करतूतों से उबल रहा है। बेजुबान गोवंश के साथ अमानवीय और रूह कंपा देने वाली हरकतें करने वाला शातिर आरोपित अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। हालाँकि, जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए इस दरिंदे पर ₹20,000 के इनाम की घोषणा कर दी है।
वारदात का पैटर्न: ट्रेन से आता है 'दरिंदगी' का आरोपित !
पुलिस की अब तक की जांच में जो खुलासा हुआ है, वह चौंकाने वाला है। यह आरोपित कोई स्थानीय अपराधी नहीं, बल्कि एक पेशेवर 'शिकारी' की तरह व्यवहार कर रहा है:
प्लानिंग: आरोपित ट्रेन के जरिए भीलवाड़ा पहुंचता है।
वारदात: सुनसान रास्तों या मंडियों में सोती हुई गायों को निशाना बनाता है।
फरार: वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद वह वापस रेलवे स्टेशन पहुंचता है और ट्रेन पकड़कर शहर छोड़ देता है।
"पुलिस को आरोपित के फुटेज राजस्थान के अन्य स्टेशनों पर भी मिले हैं। ऐसे में पुलिस की टीमें इस आरोपित की दिल्ली, आगरा और बिहार की तरफ जाने वाली ट्रेनों मे तलाश में कर रही हैं।
कब-कब कांपी मानवता?
7 मार्च (धानमंडी): पहली बार इस वहशी ने सोती हुई गाय के साथ कुकृत्य किया। सीसीटीवी में कैद होने के बावजूद आरोपित पुलिस के हाथ नहीं लगा।
27 मार्च (सब्जी मंडी): ठीक 20 दिन बाद आरोपित फिर लौटा और दूसरी वारदात को अंजाम दिया। सीसीटीवी फुटेज ने पुष्टि की कि दोनों घटनाओं में एक ही चेहरा शामिल है।
हिंदू संगठनों का अल्टीमेटम: "72 घंटे या ...!"
बेजुबान जानवरों के साथ हो रही इस क्रूरता ने शहर के धार्मिक और सामाजिक संगठनों में भारी रोष पैदा कर दिया है। बुधवार को प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए संगठनों ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि 72 घंटे के भीतर गिरफ्तारी नहीं हुई, तो 'भीलवाड़ा बंद' किया जाएगा।
आरोप: संगठनों का कहना है कि पुलिस की ढिलाई के कारण ही अपराधी के हौसले बुलंद हैं और वह बार-बार शहर में आकर वारदातों को अंजाम दे रहा है।
इनामी घोषणा: क्या आप जानते हैं इस चेहरे को?
पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार, प्रकरण संख्या 101/26 के तहत जो भी व्यक्ति इस अपराधी को पकड़वाने में मदद करेगा या सटीक सूचना देगा, उसे ₹20,000 का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। भीमगंज और कोतवाली पुलिस की विशेष टीमें फिलहाल रेलवे स्टेशनों और संभावित ठिकानों पर जाल बिछाए बैठी हैं।
