सफाई के नाम पर खानापूर्ति, राशि उठा रहा ठेकेदार और काम कर रहे निगम कर्मी
पुर (नाकोड़ा) | उपनगर पुर के वार्ड नंबर एक में नालों की सफाई के नाम पर भ्रष्टाचार और लापरवाही का खेल सामने आया है। नाले की सफाई का काम ठेके पर होने के बावजूद नगर निगम के कर्मचारियों से काम करवाया जा रहा है, जबकि ठेकेदार करोड़ों का भुगतान उठा रहा है।
5 दिन बाद फिर करनी पड़ी सफाई
वार्ड नंबर एक स्थित नाले की सफाई महज 5 दिन पूर्व की गई थी, लेकिन कचरा बाहर नहीं निकालने के कारण वह वापस नाले में जमा हो गया। गुरुवार को वार्ड के जमादार और स्वास्थ्य निरीक्षक ने निगम के ही सफाई कर्मचारियों को लगाकर दोबारा सफाई करवाई। हालांकि, इस बार भी कचरा नाले से बाहर निकालने के बजाय साइड में ही ढेर कर दिया गया।
मौके पर पहुंचे भाजपा नेता, व्यवस्था पर उठाए सवाल
सूचना मिलने पर राष्ट्रीय मानवाधिकार पर्यावरण सुरक्षा एवं भ्रष्टाचार निवारण संगठन के जिला अध्यक्ष व भाजपा ओबीसी मोर्चा जिला मंत्री रतनलाल आचार्य मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्वास्थ्य निरीक्षक से गंदगी का स्थाई समाधान करने और कचरा बाहर निकालने को कहा। इस पर स्वास्थ्य निरीक्षक ने बेबसी जताते हुए कहा कि ठेकेदार कोई सुनवाई नहीं कर रहा है और निगम ने जेसीबी भी उपलब्ध नहीं कराई है।
चीफ इंस्पेक्टर से वार्ता, 25 लाख की कटौती का दावा
रतनलाल आचार्य ने तुरंत निगम के चीफ इंस्पेक्टर संजय खोखर से फोन पर बात कर ठेकेदार को पाबंद करने की मांग की। खोखर ने बताया कि लापरवाही के चलते ठेकेदार के 25 लाख रुपए काट लिए गए हैं। इस पर आचार्य ने आपत्ति जताते हुए कहा कि जब स्वास्थ्य निरीक्षकों ने लिखित में दे रखा है कि ठेकेदार ने एक बार भी सही से सफाई नहीं की, तो उसे एक रुपया भी भुगतान नहीं होना चाहिए।
जेसीबी भेजने का मिला आश्वासन
आचार्य ने नालों की सफाई के स्थाई समाधान हेतु पुर में निगम की जेसीबी भिजवाने की मांग की। चीफ इंस्पेक्टर खोखर ने शुक्रवार को जेसीबी भिजवाकर नालों की पुख्ता सफाई करवाने का आश्वासन दिया है। साथ ही मामले की लिखित शिकायत आयुक्त को देने के लिए कहा गया है।
