फर्जी राजनीतिक पार्टी के साथ फर्जी रिफंड का खेल: " 3 साल में 271 करोड़ का लेनदेन, भीलवाड़ा में इनकम टैक्स के छापे" पार्टी कार्यालय बताया यूपी, कर्ताधर्ता भीलवाड़ा में, इनमें सरकारी कर्मचारी भी !

Update: 2025-08-13 02:04 GMT
" 3 साल में 271 करोड़ का लेनदेन, भीलवाड़ा में इनकम टैक्स के छापे"   पार्टी कार्यालय बताया यूपी, कर्ताधर्ता भीलवाड़ा में, इनमें सरकारी कर्मचारी भी !
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भीलवाड़ा (हलचल)। बिना एक भी चुनाव लड़े, केवल कागजों पर बनी एक राजनीतिक पार्टी के जरिए तीन साल में 271 करोड़ रुपए के फर्जीवाड़े का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आयकर विभाग ने इस बड़े खेल का खुलासा करते हुए मंगलवार को भीलवाड़ा में तीन स्थानों पर ताबड़तोड़ छापे मारे। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित मुख्य पदाधिकारी भीलवाड़ा के ही निवासी हैं, जिनमें सरकारी कर्मचारी के शामिल होने की भी चर्चा है, जिससे शहर में हड़कंप मच गया है।

टैक्स चोरी का नया पैंतरा: चंदा दो, कमीशन काट पैसा वापस लो

जांच में सामने आया कि 'नेशनल सर्व समाज पार्टी' नाम की इस पार्टी का इस्तेमाल टैक्स चोरी के लिए एक सुरक्षित रास्ते के तौर पर किया जा रहा था। शातिर दिमाग लोग करोड़ों रुपए का चंदा पार्टी को देते थे और इसकी पक्की रसीद प्राप्त कर लेते थे। इस रसीद के आधार पर वे आयकर में बड़ी छूट का दावा कर फर्जी रिफंड उठा लेते थे। बाद में पार्टी अपना कमीशन काटकर बाकी की रकम दानदाता को वापस लौटा देती थी। अब ऐसे लोगों पर भी शिकंजा कैसा जा सकता है जिन्होंने चंदा दिया।

गाजियाबाद से भीलवाड़ा तक जांच की आंच

मामले की जांच के लिए आयकर विभाग की टीम सबसे पहले पार्टी के रजिस्टर्ड मुख्यालय, जो कि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में है, पर पहुंची तो वहां ताला लटका मिला। जब पार्टी के पदाधिकारियों की कुंडली खंगाली गई तो उनके तार भीलवाड़ा से जुड़े पाए गए। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास व्यास, कोषाध्यक्ष दीपक कुमार जोशी और सचिव कमलेश आचार्य के भीलवाड़ा में होने की पुख्ता जानकारी मिलने पर जयपुर और अजमेर की टीमों ने मंगलवार को यहां दबिश दी। विभाग ने विकास व्यास के विजय सिंह पथिक नगर, दीपक कुमार जोशी के आटूण स्थित गुर्जरों की गली और कमलेश आचार्य के आजाद नगर स्थित हनुमान मंदिर के पास आवास पर एक साथ छापा मारा।

मुंबई से ऑपरेट हो रहा था खाता, वकील भी रडार पर

जांच में यह भी पता चला कि जिस बैंक खाते से 271 करोड़ रुपए का यह पूरा बोगस लेनदेन हुआ, वह दिसंबर 2022 से मुंबई से ऑपरेट किया जा रहा था। हालांकि, इसकी केवाईसी (KYC) पार्टी अध्यक्ष विकास व्यास ने भीलवाड़ा से ही करवाई थी। इस पूरे मामले में एक वकील राहुल कोठारी द्वारा मध्यस्थता कराने की बात भी सामने आई है, जो अब आयकर विभाग के रडार पर है।

 ये भी चर्चा

यह मामला इसलिए भी गंभीर हो गया है क्योंकि चर्चा है कि इस फर्जीवाड़े में शामिल लोग सरकारी कर्मचारी भी हैं, जिससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि सरकारी सेवा में रहते हुए कोई राजनीतिक पार्टी का गठन कैसे कर सकता है। उल्लेखनीय है कि भीलवाड़ा में पहले भी इनकम टैक्स विभाग ने फर्जी सीए और अन्य लोगों के यहां छापे मारकर बड़े घोटालों का पर्दाफाश किया था, जिनके तार मध्य प्रदेश और गुजरात से भी जुड़े थे।

 

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