पुलिस बेड़े में बड़े फेरबदल की तैयारी: 5 साल से एक ही थाने में जमे 96 कांस्टेबलों के होंगे तबादले
जिले के विभिन्न थानों में पिछले 5 साल या उससे अधिक समय से एक ही स्थान पर तैनात 96 कांस्टेबलों की कुर्सी अब हिलने वाली है। एसपी योगेश गोयल ने ऐसे सभी पुलिसकर्मियों की सूची तैयार कर ली है और उनके तबादलों की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इस आदेश के बाद महकमे में हलचल तेज हो गई है।
प्रशासनिक स्तर पर किए जा रहे इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य पुलिसिंग को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और प्रभावी बनाना है। स्थानांतरण प्रक्रिया के साथ ही विभाग में पदोन्नति का दौर भी चला है, जिसमें 53 कांस्टेबलों को हेड कांस्टेबल के पद पर प्रमोट किया गया है।
रोटेशन और पारदर्शिता पर जोर
उदयपुर एसपी योगेश गोयल ने स्पष्ट किया कि जिले में लंबे समय से एक ही थाने में तैनात पुलिसकर्मियों का रोटेशन सिस्टम बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी थानाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि 4 दिन के भीतर उन कांस्टेबलों के नाम सार्वजनिक किए जाएं जो 5 साल की अवधि पूरी कर चुके हैं।
मांगे गए 3 विकल्प, लेकिन पुरानी जगह 'नो एंट्री'
पारदर्शिता और मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए, एसपी ने इन कांस्टेबलों से उनके पसंदीदा 3 थानों के विकल्प मांगे हैं। इससे उनकी पारिवारिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों का ख्याल रखा जा सकेगा। विभाग यह भी देख रहा है कि वर्तमान में वे किस तरह की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। हालांकि, विभाग ने एक कड़ा नियम लागू किया है: किसी भी कांस्टेबल को दोबारा उसी थाने में तैनात नहीं किया जाएगा, जहां वह पहले रह चुका है।
कहां कितने कांस्टेबल रडार पर?
तबादला सूची में सबसे ज्यादा प्रभाव यातायात शाखा और शहर के प्रमुख थानों पर पड़ने वाला है:इसके अलावा कई चौकियों और अन्य थानों में भी 1-1 कांस्टेबल वर्षों से एक ही जगह जमे हुए हैं, जिनकी सूची तैयार कर ली गई है।
