अपनों की बेरुखी या...? बंद कमरे में सड़ती रही लाश, बगल में सोता रहा परिवार!
भीलवाड़ा (भीलवाड़ा हलचल न्यूज़)। रिश्तों के कत्ल और संवेदनाओं की मौत की एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे भीलवाड़ा को झकझोर कर रख दिया है। शहर के भीमगंज थाना इलाके की दादाबाड़ी कॉलोनी में एक मकान के बाहरी कमरे में 4 दिन पुरानी सड़ी-गली लाश मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया।
इंसानियत शर्मसार: एक ही छत के नीचे मौत और बेखौफ जिंदगी!
सबसे ज्यादा चौंकाने वाली और दिल को चीर देने वाली बात यह है कि जिस घर के बाहरी कमरे में 35 वर्षीय पृथ्वीराज कोली की लाश सड़ रही थी, उसी मकान के अंदर उसकी पत्नी अपने दो बच्चों के साथ रह रही थी। सवाल यह उठता है कि क्या चार दिनों तक पत्नी को अपने पति की अनुपस्थिति का अहसास तक नहीं हुआ? क्या एक ही घर में रहते हुए रिश्तों की दूरियां इतनी बढ़ गई थीं कि मौत की सड़ांध भी घर की दीवारों को पार नहीं कर पाई?
खौफनाक मंजर: बदबू ने खोला खौफ का राज
शीतला अष्टमी के दिन से ही पृथ्वीराज को किसी ने नहीं देखा था। शनिवार सुबह जब एक महिला उस मकान के बाहर से गुजरी, तो उसे असहनीय बदबू महसूस हुई। जैसे ही उसने कमरे के दरवाजे को धकेला, अंदर का दृश्य देखकर उसकी चीख निकल गई।
फर्श पर बिखरा खून
पृथ्वीराज की लाश पूरी तरह सड़ चुकी थी और गैस बनने के कारण शरीर फट गया था। कमरे के फर्श पर खून फैला हुआ था। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सुनील चौधरी जाब्ते के साथ पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल और एमओबी टीमों को बुलाया गया, जिन्होंने मौके से साक्ष्य जुटाए।
यह है संदिग्ध मौत मानने की वजह
थाना प्रभारी चौधरी के अनुसार, मामला पूरी तरह संदिग्ध है। पृथ्वीराज इसी कमरे में अकेला रहता था और खाना भी बाहर ही खाता था, लेकिन 4 दिन तक पत्नी द्वारा उसकी सुध न लेना इस पूरी घटना को एक पेचीदा मोड़ दे रहा है। पुलिस अब इस बिंदु पर जांच कर रही है कि यह महज एक प्राकृतिक मौत है, आत्महत्या है या फिर इसके पीछे कोई साजिश छिपी है।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट ही इस खौफनाक राज से पर्दा उठाएगी।
