एमजीएच में एम्बुलेंस चालकों की गुंडागर्दी-: मरीज के परिजनों को सरेआम पीटा, पुलिस को दी गालियां, दो आरोपित गिरफ्तार

Update: 2026-03-26 12:23 GMT

 भीलवाड़ा पुनीत चपलोत। जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल महात्मा गांधी चिकित्सालय (एमजीएच) के परिसर में मानवता एक बार फिर शर्मसार हुई है। यहाँ सेवा के नाम पर लूट मचाने वाले निजी एम्बुलेंस चालकों की दबंगई इस कदर बढ़ गई है कि अब वे तीमारदारों को पीटनेे से भी बाज नहीं आ रहे हैं। गुरुवार को अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के बाहर जो मंजर दिखा, उसने अस्पताल प्रशासन और पुलिस की इकबाल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

किराये के विवाद में तीमारदारों पर टूटा कहर

घटना के अनुसार, एक महिला मरीज की हालत बिगडऩे पर उसे उदयपुर रेफर किया गया था। इसी दौरान निजी एम्बुलेंस चालक आनंद शर्मा उर्फ आलिया और दीपक शर्मा ने किराये को लेकर परिजनों से विवाद शुरू कर दिया। बात इतनी बढ़ी कि इन दोनों दबंगों ने सरेआम मरीज के परिजनों के साथ मारपीट और बदसलूकी शुरू कर दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है, जिसमें ये चालक खुलेआम गुंडागर्दी करते नजर आ रहे हैं। हद तो तब हो गई जब इन चालकों ने वर्दी का खौफ ताक पर रखकर स्थानीय पुलिस के लिए भी भद्दे अपशब्दों का प्रयोग किया।

पहले भी पुलिसकर्मी से की जा चुकी है बदसलूकी , पर कार्रवाई सुस्त

हैरानी की बात यह है कि मुख्य आरोपी 'आलिया' पहले भी भीमगंज थाने के पुलिसकर्मी से बदसलूकी कर चुका है, जिसका वीडियो भी वायरल हुआ था। बार-बार कानून को चुनौती देने के बावजूद इन पर कोई ठोस लगाम नहीं कसी जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एमजीएच के बाहर एम्बुलेंस माफिया का एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जो न केवल मनमाना किराया वसूलता है, बल्कि विरोध करने पर मारपीट पर उतारू हो जाता है।

पुलिस ने किया गिरफ्तार, पर जनता मांग रही स्थाई समाधान

वीडियो वायरल होने और मामला गरमाने के बाद भीमगंज पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों आलिया व दीपक को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन सवाल वही है कि आखिर जिला अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर ऐसे लोगों को पनाह कौन दे रहा है? क्या मरीजों के परिजनों को अब इलाज के साथ-साथ ऐसे लोगों से भी अपनी जान बचानी होगी?

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