चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़ दुर्ग के रास्ते पर शनिवार दोपहर एक हादसा हो गया। सामने से आ रही बाइक को बचाने के प्रयास में एक ऑटो अचानक असंतुलित होकर पलट गया और खाई में जा गिरा। हादसे के समय ऑटो में 8 महिलाएं और 5 बच्चे सवार थे। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार सुनाई देने लगी।
ऑटो पलटते ही आसपास मौजूद लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े और घायलों को बाहर निकालने में जुट गए। ऑटो चालक रोहिन कुमार तिवारी ने बताया कि सामने से आ रही बाइक से टक्कर से बचने के लिए उसने ऑटो मोड़ने की कोशिश की, इसी दौरान संतुलन बिगड़ गया और वाहन पलट गया।
हादसे में शामिल सभी यात्री भीलवाड़ा जिले के निवासी थे। नंदू कंवर ने बताया कि वे अपने परिवार की 6 महिलाओं, 5 बच्चों और पड़ोस की 2 महिलाओं के साथ भीलवाड़ा से मंडफिया स्थित श्री सांवलियाजी के दर्शन के लिए निकले थे। ऑटो भी भीलवाड़ा से ही किराए पर लिया गया था। चित्तौड़गढ़ पहुंचने पर सभी ने पहले दुर्ग घूमने का निर्णय लिया।
दुर्ग दर्शन के बाद जब सभी वापस लौट रहे थे, तभी यह दुर्घटना हो गई। अचानक हुए हादसे से सभी यात्री घबरा गए, हालांकि किसी को गंभीर चोट नहीं आई।
सूचना मिलने पर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और एम्बुलेंस बुलाकर घायलों को जिला अस्पताल चित्तौड़गढ़ भिजवाया गया। इस दुर्घटना में 80 वर्षीय सज्जन कंवर, 50 वर्षीय संतोष कंवर, 45 वर्षीय गेंदा कंवर और 41 वर्षीय समदर जाट को अपेक्षाकृत अधिक चोटें आईं। ऑटो चालक को भी हल्की चोट लगी, जबकि अन्य महिलाओं और बच्चों को मामूली चोटें आईं।
अस्पताल में सभी घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया और किसी को भी भर्ती करने की आवश्यकता नहीं पड़ी। घटना की सूचना पर किला चौकी पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बाइक को बचाने के दौरान ऑटो चालक ने अचानक मोड़ लिया, जिससे वाहन पलट गया।
प्राथमिक उपचार के बाद सभी यात्रियों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। पुलिस ने दुर्ग मार्ग पर वाहन चालकों से सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की अपील की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
