चित्तौड़गढ़। जिले में बेमौसम बारिश, तेज हवाओं और नींबू के आकार की ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के लिए पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत मौके पर पहुंचे और किसानों से सीधे संवाद कर स्थिति की जानकारी ली।
पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत ने बताया कि चित्तौड़गढ़ विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत उदपुरा के चेनपुरिया, मोड जी का खेड़ा, जवानपुरा, बरसिंहजी का गुड़ा, धराणा, कानपुरा, बिहारीपुरा, सियालकुंड तथा ग्राम पंचायत एराल के खेरी, खरड़ी बावड़ी और गिलूंड गांवों में ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ है। इस दौरान पंचायत अध्यक्ष बबलू सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उनके साथ मौजूद रहे।
क्षेत्र में अफीम, सरसों, गेहूं, लहसुन, चिया सीड्स, मेथी और जौ की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। अफीम की फसल खराब होने से किसानों को अफीम पट्टे कटने का भय सता रहा है। खेतों में कटी हुई सरसों की फसल बारिश से खीर गई है, वहीं गेहूं की खड़ी फसल तेज हवाओं के कारण जमीन पर गिर गई है।
पूर्व राज्यमंत्री ने जिला कलेक्टर से आग्रह किया कि शीघ्र गिरदावरी कराकर किसानों को राहत प्रदान की जाए तथा अफीम विभाग को भी फसल खराबे की जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग, कृषि विभाग और अफीम विभाग को संवेदनशीलता दिखाते हुए किसानों की पीड़ा समझनी चाहिए और जल्द से जल्द राहत पहुंचानी चाहिए।
किसानों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। उनकी पीड़ा है कि राम रूठ गया है, अब उन्हें शासन से ही राहत की आशा है।
