चित्तौड़गढ़: राजा-महाराजाओं के खजाने का लालच देकर ठगी करने वाला तांत्रिक गिरोह दबोचा
चित्तौड़गढ़ । ऐतिहासिक दुर्ग की तलहटी और आस-पास के क्षेत्रों में जमीन में दबे 'राजा-महाराजाओं के खजाने' का झांसा देकर ग्रामीणों को ठगने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। सदर थाना पुलिस ने तांत्रिक बनकर लोगों को गुमराह करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक कथित खजाना खोजने वाली 'डिटेक्टर मशीन' भी बरामद की है।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मध्य प्रदेश के मंदसौर और आगर मालवा क्षेत्र से आए कुछ संदिग्ध लोग चित्तौड़गढ़ शहर और ग्रामीण इलाकों में घूम रहे हैं। ये लोग खुद को सिद्ध तांत्रिक बताकर ग्रामीणों को विश्वास दिलाते थे कि उनके पास ऐसी "विशेष मशीन और तांत्रिक विद्या" है, जिससे वे जमीन के भीतर सदियों से दबे खजाने का पता लगा सकते हैं। पुलिस टीम ने जाल बिछाकर कोटा रोड स्थित ओछड़ी पुलिया के पास दबिश दी और घेराबंदी कर चारों को धर दबोचा।
गिरफ्तार आरोपियों की प्रोफाइल
पकड़े गए आरोपियों में गोपाल सोनी (आगर मालवा, म.प्र.), सलीम अहमद (सीतामऊ, मन्दसौर), मुकेश नाथ बावजी (आगर, म.प्र.) और स्थानीय निवासी हीरालाल मीणा (निंबाहेड़ा, चित्तौड़गढ़) शामिल हैं।
ठगी का तरीका: मशीन से खजाना खोजने का नाटक
आरोपी सुनसान जगहों, पुराने मंदिरों और छतरियों के पास जाकर डिटेक्टर मशीन के जरिए सोना खोजने का नाटक करते थे। वे भोले-भाले ग्रामीणों को खजाना मिलने का सपना दिखाकर मोटी रकम ऐंठने की फिराक में थे। थानाधिकारी प्रेम सिंह के नेतृत्व में पुलिस अब इन आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन्होंने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।