liveईरान-इजरायल युद्ध भीषण: खामेनेई की मौत की पुष्टि, पाकिस्तान में हिंसा और खाड़ी देशों पर मिसाइल हमले 48 कमांडर्स भी मारे गए
तेहरान । इजराइल और अमेरिका के हमले में ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। इजराइली वायुसेना ने बताया कि उसने अमेरिका के साथ मिलकर पिछले 24 घंटे में ईरान पर 1,200 से ज्यादा बम गिराए हैं।
दूसरी तरफ ईरानी सेना ने इजराइल समेत मिडिल-ईस्ट के कई देशों में हमले शुरू कर दिए हैं। इजराइल में एक हमले में 9 लोगों की मौत हो गई है।
खामेनेई के ऑफिस कॉम्प्लेक्स पर शनिवार को 30 मिसाइलों से हमला हुआ था। हमले में उनकी बेटी-दामाद, बहू और पोती समेत कॉम्प्लेक्स में मौजूद 48 कमांडर्स भी मारे गए हैं। हमले के समय खामनेई कमांडर्स के साथ मीटिंग कर रहे थे।
पाकिस्तान में भारी हिंसा: 12 की मौत, UN दफ्तर फूंका
खामेनेई की मौत की खबर फैलते ही पाकिस्तान के कराची में हजारों शिया प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए।
दूतावास पर हमला: प्रदर्शनकारियों ने 'अमेरिका मुर्दाबाद' के नारों के साथ अमेरिकी दूतावास में घुसने की कोशिश की। इस दौरान सुरक्षाबलों के साथ हुई हिंसक झड़प और फायरिंग में 12 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है, जबकि दर्जनों घायल हैं।
स्कर्दू में बवाल: उत्तरी पाकिस्तान के स्कर्दू में गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त राष्ट्र (UN) के कार्यालय को आग के हवाले कर दिया।
कतर और दुबई पर मिसाइल-ड्रोन की बारिश
ईरान ने 'ऑपरेशन ट्रुथफुल प्रॉमिस 4' के तहत कतर, दुबई और अबू धाबी जैसे शहरों को निशाना बनाया है।
भारतीयों में दहशत: कतर और दुबई में रह रहे भारतीयों ने सोशल मीडिया पर मिसाइल हमलों और आसमान में होते धमाकों के वीडियो साझा किए हैं।
हवाई अड्डे बंद: हमलों के कारण दुबई, दोहा और कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। यूएई ने दावा किया है कि उसने 130 से अधिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया है, लेकिन कुछ मलबे गिरने से नागरिक इलाकों में नुकसान हुआ है।
अमेरिकी ठिकानों पर सीधा प्रहार
ईरान ने दावा किया है कि उसने कतर के अल-उदेद, यूएई के अल-धाफरा और बहरीन में अमेरिकी पांचवें बेड़े (5th Fleet) के मुख्यालय सहित 27 ठिकानों को निशाना बनाया है। इजरायल के भीतर भी कई मिसाइलें गिरी हैं, जिसमें जान-माल के नुकसान की खबरें आ रही हैं।
मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव के बीच रविवार को ओमान के तट के पास रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक तेल टैंकर पर हमला हुआ है। इस टैंकर पर 15 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे, जिन्हें सुरक्षित बचा लिया गया है। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें जहाज से धुआं उठता दिखाई दे रहा है।
ड्रोन हमले का शिकार हुआ टैंकर 'स्काईलाइट'
ओमान के समुद्री सुरक्षा केंद्र (OMSC) के अनुसार, पलाऊ के ध्वज वाले तेल टैंकर 'स्काईलाइट' (SKYLIGHT) को ओमान के मुसंदम प्रांत में खसाब बंदरगाह से लगभग 5 समुद्री मील उत्तर में निशाना बनाया गया। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, यह हमला ड्रोन के जरिए किया गया। हमले के बाद टैंकर में आग लग गई और वह डूबने की स्थिति में पहुंच गया।
भारतीय क्रू मेंबर्स का सफल रेस्क्यू
जहाज पर कुल 20 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें 15 भारतीय और 5 ईरानी नागरिक शामिल थे। ओमान की रॉयल नेवी और सेना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी 20 सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। हालांकि, इस हमले में चालक दल के 4 सदस्य घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी चिकित्सा सुविधा में भर्ती कराया गया है।
क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर है। ईरान ने पहले ही हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की चेतावनी दी थी। इस घटना के बाद वैश्विक तेल कीमतों में भी उछाल देखा गया है। भारतीय विदेश मंत्रालय पूरी स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए है।
शिया समुदाय ने निकाला कैंडल मार्च
रायपुर । ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद रविवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। शहर के शिया मुस्लिम बहुल क्षेत्र मोमिनपारा में बड़ी संख्या में समुदाय के लोग सड़कों पर उतरे और कैंडल मार्च निकालकर अपना आक्रोश व्यक्त किया।
पोस्टर और बैनर के साथ प्रदर्शन
रविवार को मोमिनपारा इलाके में तनावपूर्ण शांति के बीच प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान क्षेत्र में अमेरिकी राष्ट्रपति और इजरायली प्रधानमंत्री के विरोध में पोस्टर और पर्चे भी देखे गए। शिया समुदाय के लोगों ने खामेनेई की मौत को एक "अपूरणीय क्षति" बताते हुए इसे कायरतापूर्ण हमला करार दिया।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
कैंडल मार्च और प्रदर्शन को देखते हुए रायपुर पुलिस ने मोमिनपारा और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस के आला अधिकारी लगातार गश्त कर रहे हैं।
बहरीन में शनिवार रात ईरानी ड्रोन ने एक एक बहुमंजिला इमारत को निशाना बनाया।
ईरानी न्यूज एंकर ने रोते हुए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का समाचार पढ़ा
अबू धाबी: अल सलाम नौसैनिक अड्डे पर ईरानी ड्रोन हमला, गोदाम में लगी आग
अबू धाबी/भीलवाड़ा। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच रविवार को एक और बड़ी घटना सामने आई है। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि अबू धाबी स्थित अल सलाम नौसैनिक अड्डे (Al Salam Naval Base) को दो ईरानी ड्रोन ने निशाना बनाया है।
गोदाम के दो कंटेनरों में लगी आग
रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, रविवार को दो ईरानी ड्रोनों ने नौसैनिक अड्डे के भीतर एक गोदाम पर हमला किया। इस हमले के कारण सामान्य सामग्री के भंडारण के लिए उपयोग किए जाने वाले दो कंटेनरों में आग लग गई। मौके पर मौजूद अग्निशमन और विशेष टीमों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया।
ईरानी सेना का बड़ा दावा: अमेरिकी युद्धपोत 'USS अब्राहम लिंकन' पर दागीं 4 बैलिस्टिक मिसाइलें
तेहरान पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने रविवार को एक चौंकाने वाला दावा किया है। ईरान का कहना है कि उसने अरब सागर में तैनात अमेरिकी विमानवाहक पोत 'USS अब्राहम लिंकन' (CVN-72) को निशाना बनाते हुए 4 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं।
बदले की कार्रवाई का 'नया चरण'
IRGC ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यह हमला अमेरिकी और इजरायली बलों द्वारा ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की हत्या के जवाब में किया गया है। ईरानी मीडिया के अनुसार, IRGC ने इसे अपने जवाबी अभियान का "नया चरण" बताया है और चेतावनी दी है कि समुद्र और जमीन "आतंकवादी हमलावरों का कब्रिस्तान" बन जाएंगे।
ईरान के पूर्व राष्ट्रपति अहमदीनेजाद की मौत की खबरें: क्या है हकीकत?
ईरान में जारी भारी उथल-पुथल और सैन्य हमलों के बीच पूर्व कट्टरपंथी राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद (Mahmoud Ahmadinejad) की मौत को लेकर परस्पर विरोधी खबरें सामने आ रही हैं। कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया दावों में कहा गया है कि तेहरान के नारमक (Narmak) जिले में उनके आवास पर हुए हवाई हमले में उनकी जान चली गई है।
हमले और मौत के दावों का आधार
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रविवार को तेहरान में इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हवाई हमलों (ऑपरेशन एपिक फ्यूरी / रोरिंग लायन) के दौरान अहमदीनेजाद के आवास को निशाना बनाया गया। ईरान की समाचार एजेंसी ILNA के हवाले से दावा किया गया है कि इस हमले में अहमदीनेजाद और उनके कई अंगरक्षकों की मौत हो गई है। विकिपीडिया जैसे प्लेटफार्मों पर भी उनकी मृत्यु की तारीख 28 फरवरी 2026 दर्ज की गई है, जिसमें मौत का कारण 'हवाई हमला' बताया गया है।
विरोधी रिपोर्ट: सुरक्षा टीम के मारे जाने की पुष्टि
वहीं, 'द नेशनल' जैसी कुछ अन्य प्रतिष्ठित मीडिया रिपोर्ट्स का कहना है कि हमला अहमदीनेजाद के निजी आवास पर नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा टीम द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली एक अन्य इमारत पर हुआ था। इस रिपोर्ट के मुताबिक, अहमदीनेजाद की सुरक्षा में तैनात IRGC के तीन सदस्य मारे गए हैं, लेकिन पूर्व राष्ट्रपति के भाग्य को लेकर स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है।
अधिकारिक पुष्टि का इंतजार
ईरानी सरकार या अहमदीनेजाद के कार्यालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह घटनाक्रम ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबरों के ठीक बाद आया है, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। क्षेत्र में संचार माध्यमों पर पाबंदियों के कारण सटीक जानकारी मिलने में देरी हो रही है।
