बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण में रचा रिकॉर्ड, 20 जिलों की 122 सीटों पर 67.14 प्रतिशत मतदान
बिहार में मंगलवार को हुए विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में मतदाताओं ने लोकतंत्र के इस महापर्व में ऐतिहासिक उत्साह दिखाया। राज्य के 20 जिलों की 122 सीटों पर शाम पांच बजे तक औसतन 67.14 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यह अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है। इससे पहले पहले चरण में 65 प्रतिशत से अधिक वोटिंग हुई थी।
सुबह से ही मतदान केंद्रों पर दिखी लंबी कतारें
सुबह सात बजे से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें दिखने लगीं। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरों तक महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर मतदान किया। शुरुआती घंटों में ही वोटिंग का ग्राफ तेजी से ऊपर गया। 2020 के विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार मतदान दर में 12 से 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसने शाम तक नया रिकॉर्ड बना दिया।
मतदान प्रतिशत के आंकड़े
सुबह 9 बजे तक 14.55 प्रतिशत मतदान हुआ था।
सुबह 11 बजे तक यह बढ़कर 31.38 प्रतिशत पहुंचा, जो 2020 की तुलना में 12.01 प्रतिशत अधिक था।
दोपहर 1 बजे तक 47.62 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो पिछले चुनाव से 13.77 प्रतिशत ज्यादा था।
शाम 3 बजे तक यह आंकड़ा 60.40 प्रतिशत तक पहुंच गया।
शाम पांच बजे तक कुल औसतन 67.14 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ, जो 2020 की तुलना में 13.68 प्रतिशत अधिक है।
सीमांचल क्षेत्र में मतदान का जोश सबसे ज्यादा
इस चरण में सीमांचल के जिलों ने मतदान प्रतिशत में सबसे आगे रहते हुए रिकॉर्ड कायम किया। अररिया में सबसे अधिक 76.26 प्रतिशत वोटिंग हुई। पूर्णिया में 75.23, किशनगंज में 73.79 और मधुबनी में 70.69 प्रतिशत मतदान हुआ। इन जिलों में सुबह से शाम तक मतदान केंद्रों पर भारी भीड़ रही।
अन्य जिलों में भी बढ़िया मतदान
पूर्वी चंपारण में 69.31 प्रतिशत, पश्चिमी चंपारण में 69.02, भागलपुर में 68.91, जमुई में 67.81, सुपौल में 67.79, गया में 67.50 और बांका में 67.22 प्रतिशत मतदान हुआ। सबसे कम मतदान नवादा जिले में 57.11 प्रतिशत रहा।
शांतिपूर्ण रहा मतदान
राज्य के अधिकांश हिस्सों में मतदान शांतिपूर्ण रहा। हालांकि कुछ जगहों से ईवीएम खराब होने और मतदाताओं के बीच मामूली झड़प की सूचनाएं आईं। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मतदान प्रक्रिया को प्रभावित नहीं होने दिया।
चुनाव आयोग ने मतदाताओं के इस जोश की सराहना करते हुए कहा कि बिहार के लोगों ने लोकतंत्र के प्रति अपनी गहरी आस्था दिखाई है। आयोग ने यह भी बताया कि जिन बूथों पर तकनीकी खामियां आईं, वहां जल्द ही मतदान पुनः शुरू करा दिया गया।
इस चरण में कई बड़े नेताओं का राजनीतिक भविष्य दांव पर है। भाजपा, जदयू, कांग्रेस, राजद और वाम दलों के उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। तीसरे और अंतिम चरण के मतदान के लिए सभी दल अब पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में हैं।
