गणगौर का त्योहार धूमधाम के साथ मनाया

By :  prem kumar
Update: 2025-03-31 14:54 GMT
गणगौर का त्योहार धूमधाम के साथ मनाया
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भीलवाड़ा । अंसल सुशांत सिटी  में गणगौर का त्योहार बड़े धूमधाम के साथ मनाया गया। विश्व हिंदू परिषद दुर्गा वाहिनी प्रांत छात्रा प्रमुख सीमा पारीक ने बताया गणगौर जिसे गौरी-तृतीया भी कहा जाता है, भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन की स्मृति में मनाया जाता है, जहाँ विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए तथा अविवाहित लड़कियां अच्छे पति के लिए व्रत रखती हैं.

गणगौर का अर्थ:

"गण" का अर्थ है भगवान शिव और "गौरी" या "गौरा" का अर्थ है देवी पार्वती . यह त्योहार देवी पार्वती और भगवान शिव के विवाह का प्रतीक है, जो वैवाहिक और दाम्पत्य सुख का प्रतीक माना जाता है मान्यता है कि इस व्रत को करने से महिलाओं को अखण्ड सौभाग्य की प्राप्ति होती है पूजा महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की मिट्टी की मूर्तियां बनाकर उनकी पूजा करती हैं। कार्यक्रम में ममता, स्नेहलता पारीक, अनिता कवर, कुनता पारीक, मेघा मोकावत, उर्वशी, चित्रा कवर, डोली कवर, आस्था पारीक आदि  उपस्थित रही।

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